रोडवेज बसों के अभाव में जोखिम भरा सफर कर मंजिल तक पहुंच सके मुसाफिर
पीलीभीत। स्थानीय मार्गाें पर यात्रियों की मुसीबतें बरकरार रहीं। डग्गामार वाहन ही यात्रियों के लिए सहारा बने। बाहर से काम कर वापस लौटने वाले यात्रियों को घंटों इंतजार के बाद परिवहन की बसें नहीं मिल सकी। यात्री जोखिमभरा सफर कर अपनी मंजिल तक पहुंच सके।
दिल्ली, जयपुर, लखनऊ आदि शहरों में रहकर नौकरी और रोजगार करने वाले जिले के लोग होली मनाने घर पहुंचे तो परिवहन विभाग की व्यवस्थाएं फेल हो गईं। पीलीभीत डिपो के अफसरों ने यात्रियों की सुविधा के लिए स्थानीय मार्गों पर बसों के फेरे बढ़ाने का दावा किया, लेकिन यह दावे हवा-हवाई साबित हुए। मंगलवार को दोपहर करीब 12.24 बजे बीसलपुर मार्ग एक भी रोडवेज बस नहीं दिखाई दी।
आसपास के व्यापारियों से बातचीत में जानकारी मिली की कि पिछले करीब एक घंटे से यहां पर कोई भी बस नहीं पहुंची। बसों का संचालन सही न होने से इस मार्ग पर करीब छह से सात डग्गामार वाहन खड़े हुए थे। बस न मिलने पर यह यात्री इन डग्गामार वाहनों में सवार होकर अपने गंतव्य को रवाना हुए। एआरएम विपुल पाराशर ने बताया कि बस संचालन को लेकर जरूरी निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद अगर कहीं दिक्कत सामने आ रही है तो इसी दिखाकर सुधार कराया जाएगा। संवाद
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बस पहुंचते ही सीट को लेकर हुई मारामारी
असम चौराहे पर ही पूरनपुर जाने वाले मार्ग पर काफी समय से बस नहीं पहुंची। करीब 12.45 बजे एक गोला डिपो तो एक बरेली डिपो की बस यहां पर पहुंची। बस पहुंचते ही वहां मौजूद यात्रियों में सीट को लेकर मारामारी दिखाई दी। हालांकि पीलीभीत डिपो की बस यहां पर इसके बाद भी नहीं पहुंची।
डग्गामार वाहन पर बैठती सवारी व जाते अन्य लोग। संवाद
डग्गामार वाहन पर बैठती सवारी व जाते अन्य लोग। संवाद