पीलीभीत। जिले के अफसरों का भी अजब-गजब हाल है। शहर से गुजरे टनकपुर हाईवे की चौड़ीकरण प्रक्रिया में सड़क किनारे लगे पेड़ों को काटने के लिए चिह्नित किया जा रहा है। इसी सड़क के किनारे पौधरोपण कर दिया गया। चौड़ीकरण के समय यह पेड़ भी गायब हो जाएंगे। पौधे किसने लगाए लोक निर्माण, वन विभाग और नगर पालिका तीनों में से कोई भी बताने को तैयार नहीं। एक–दूसरे पर टाला जा रहा है।
अफसरों ने इस बार जिले में 39 लाख से अधिक पौधरोपण का दावा किया है। इसमें लोक निर्माण विभाग, वन और नगर निकायों का लक्ष्य भी शामिल है। विभागों ने पौधरोपण में भी खेल किया। पौधरोपण और संरक्षण में धनराशि भी खर्च की, लेकिन अधिकांश पौधे टनकपुर हाईवे के सड़क के किनारे लगा दिए। इस सड़क के चौड़ीकरण की कवायद चल रही है। मोर्थ संस्था इस सड़क का निर्माण कराएगी। सड़क किनारे खड़े पेड़ाें को भी चिह्नित कर लिया गया है। असम चौराहे से लेकर कलक्ट्रेट के आगे तक एक हजार से अधिक पेड़ काटे जाएंगे। इन पर निशान भी लगने शुरू हो गए हैं। इसी बीच हाल ही में जिम्मेदारों ने फिर टनकपुर हाईवे की ओर ही पौधरोपण कर दिया है। इसपर स्थानीय लोग तरह-तरह के सवाल कर रहे हैं।
15-15 मीटर दोनों ओर से होगा सड़क का चौड़ीकरण
चार दिन पूर्व मोर्थ के दो कर्मचारियों ने पेड़ों को चिह्नित किया। पेड़ों की नापजोख कर निशान लगाया। कर्मचारियों ने बताया कि सड़क की दोनों साइड 15-15 मीटर चौड़ी होगी। इसी क्रम में पेड़ों का चिह्नांकन किया जा रहा है। इस दायरे में नए रोपे गए पौधे भी आएंगे। विभाग ने कागजों पर तो काम पूरा कर लिया, लेकिन पौधे कितने दिन जीवित रहेंगे, इस पर ध्यान देना जरूरी नहीं समझा।
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लोक निर्माण विभाग ने अन्य स्थानों पर पौधारोपण कराया है। टनकपुर हाईवे के किनारे पौधे नहीं लगवाए हैं। शायद वन विभाग ने पौधारोपण कराया हो। – राजेश चौधरी, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग
वन विभाग ने शहर के अंदर पौधारोपण नहीं कराया है। लोक निर्माण विभाग नहीं तो नगर पालिका ने पौधे लगवाए होंगे। चौड़ीकरण की प्रक्रिया वाली सड़क के किनारे पौधारोपण गलत है। – भरत कुमार डीके, डीएफओ सामाजिक वानिकी
नगर पालिका ने अलग-अलग स्थानों को चिह्नित कर पौधारोपण कराया है। टनकपुर हाईवे के किनारे पौधे लगवाए हैं या नहीं, पता करके बताएंगे।– संजीव कुमार, ईओ नगर पालिका पीलीभीत