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Pilibhit News: शारदा पार कब्जे की आड़ में काटे जा रहे पेड़

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कलीनगर। शारदा नदी के पार वन एवं राजस्व विभाग की जमीन पर अवैध कब्जों का खेल जारी है। अतिक्रमणकारी कब्जे की नीयत से जंगल-झाड़ी उजाड़ रहे हैं। हाल ही में शीशम के पेड़ों के कटान का मामला सामने आने के बाद वन अफसरों ने जांच के निर्देश दिए हैं। हालांकि जमीन का सीमांकन न होने से कार्रवाई रुक गई है।
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व की बराही रेंज का जंगल नेपाल की शुक्लाफांटा सेंचुरी से सटा हुआ है। इस क्षेत्र में टाइगर रिजर्व के अलावा राजस्व और सिंचाई विभाग की भी हजारों एकड़ जमीन शामिल है। कभी यहां घना जंगल हुआ करता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में बड़े पैमाने पर झाड़ियां और पेड़ साफ कर जमीन पर खेती शुरू कर दी गई। बताया जाता है कि पीटीआर की करीब दो हजार एकड़ जमीन अतिक्रमण की चपेट में आ चुकी है। विभाग ने पूर्व में कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की, लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमण का सिलसिला थम नहीं सका। कब्जेदारों ने कार्रवाई से बचने के लिए कोर्ट की शरण ले रखी है और मामला विचाराधीन होने का लाभ उठाकर अतिक्रमण का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
इधर, शारदा पार गुन्हान क्षेत्र में शीशम के खड़े पेड़ों के अवैध कटान का मामला सामने आया है। करीब 60 से अधिक पेड़ों को काटे जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि वनकर्मियों की निष्क्रियता का फायदा उठाकर लकड़ी को भी मौके से हटा दिया गया। मामला सामने आने के बाद पीटीआर प्रशासन हरकत में आया। संवाद
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जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित

डीएफओ मनीष सिंह ने जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की है। टीम में प्रशिक्षु डीएफओ हिमांशु, उप प्रभागीय वनाधिकारी रमेश चौहान और मुख्यालय से दो वन दरोगा शामिल किए गए हैं। टीम ने 21 मार्च को मौके पर पहुंचकर संबंधित क्षेत्र में कॉम्बिंग की, लेकिन संयुक्त सीमांकन के अभाव में यह स्पष्ट नहीं हो सका कि संबंधित जमीन किस विभाग के अधिकार क्षेत्र में आती है। डीएफओ का कहना है कि सीमांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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