अघोषित कटौती की मार झेल रहे शहरवासियों के लिए मंगलवार सुबह आई आंधी ने और मुसीबत खड़ी कर दी। तेज हवाओं से कई जगह पेडो़ं की टहनियां टूटकर बिजली लाइन के तारों पर गिर गईं। इसके बाद नकटादाना फीडर की सप्लाई ठप हो गई। आठ घंटे की मशक्कत के बाद लाइन दुरुस्त हुई तो दो घंटे की रोस्टिंग शुरू हो गई। आवास विकास कॉलोनी में भी एक तार टूट जाने से आधे मोहल्ले की बिजली सोमवार आधी रात से मंगलवार शाम तक गुल रही।
सोमवार रात उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को उमड़ते-घुमड़ते बादलों ने बारिश होने का आभास करा दिया था लेकिन लोगों को ये नहीं मालूम था कि बारिश के साथ आंधी आने से बिजली का संकट पैदा हो जाएगा। सुबह आंधी के साथ शुरू हुई बरसात इस बार बिजली का संकट साथ लाई। तेज हवाओं से टनकपुर हाइवे, नकटादाना रोड, आवास विकास समेत कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूटकर बिजली के तारों पर गिर गईं। कुछ स्थानों पर ढीले और जर्जर तारों के आपस में टकराने से भी फाल्ट हुए। इससे बिजली सप्लाई ठप हो गई। इस दौरान नकटादाना फीडर से सप्लाई बंद कर दी गई। इससे आधे शहर में बिजली का संकट खड़ा हो गया। आवास विकास कॉलोनी में गैस एजेंसी के निकट पेड़ से बांधे गए बिजली लाइन के तार फाल्ट होने के बाद भी न बदले जाने से सोमवार रात एक फेस में बिजली गुल हो गई। इसकी जानकारी जेई और एई को दी गई, लेकिन दोनों ने ही स्टाफ की कमी बता कर लोगों को टरका दिया। इसके अलावा मोहल्ला आसफजान, साहूकारा, डोरीलाल, मोहतशिम खां, कबीर खां, भूरे खां, पुलिस लाइन, निरंजनकुंज समेत तमाम इलाकों में फाल्ट के चलते बिजली गुल रही। इससे पेयजल का भी संकट पैदा हो गया। बरसात के चलते लाइनों की मरम्मत का काम शुरू कराने में भी देरी हुई। दोपहर करीब दो बजे तक काम पूरा हो सका। मात्र पंद्रह मिनट सप्लाई देने के बाद दो से चार बजे तक रोस्टिंग के चलते बिजली काट दी गई।
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आंधी-बारिश से खंभें और लाइनें टूटी तो नहीं लेकिन कई जगहों पर लाइनों पर पेड़ की टहनियां गिर जाने से फाल्ट हो गए। इसके चलते नकटादाना फीडर बंद रहा। सुधार कार्य पूरा होने के बाद सप्लाई सुचारु करा दी गई है।
-दीपक नेगी, एसडीओ