शासन के निर्देश के बाद भी शस्त्रों का डाटा ऑनलाइन न कराने वाले 6515 शस्त्र धारकों का लाइसेंस निरस्त कर शस्त्र को अवैध घोषित करने के निर्देश शासन ने जिला प्रशासन को दिए हैं। जिसकी कार्रवाई शुरू हो गई है। एडीएम ने बताया कि अब इन शस्त्रों को जमा कराने का काम शुरू किया जाएगा।
पिछले दिनों शासन के निर्देश पर शस्त्र लाइसेंस का डाटा कंप्यूटर पर फीड कर ऑनलाइन किए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। करीब दो वर्ष तक चली इस प्रक्रिया में जिले में पंजीकृत 17406 में से मात्र 10891 शस्त्र धारकों ने भी डाटा ऑनलाइन कराया है। 6515 शस्त्र धारकों का डाटा अभी भी ऑनलाइन नहीं हुआ है। इस पर शासन ने 31 मार्च को वेबसाइट पर अपलोडिंग की प्रक्रिया रोक दी। इसके बाद ऑनलाइन होने से शेष बचे जिले के 6515 शस्त्रलाइसेंस को निरस्त मान लिया गया है। शासन के इसकी प्रक्रिया शुरू होने के बाद जिला प्रशासन ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। एडीएम अजयकांत सैनी ने बताया कि ऑन लाइन न कराने वाले लाइसेंस धारकों को चिन्हित कर उनके शस्त्र एवं कारतूस आदि जमा कराए जाएंगे साथ ही लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। इसके लिए अभिलेखों की जांच कर थाना बार सूची तैयार कराई जा रही है।
यह भी जान लें...
कुल शस्त्रधारक 17406
आनॅनाइन लाइसेंस 10891
शेष शस्त्र लाइसेंस 6515