बीसलपुर का रोडवेज बस स्टैंड। संवाद
पीलीभीत। जिले की दो प्रमुख तहसील बीसलपुर और पूरनपुर में परिवहन सेवाएं नहीं सुधर सकी हैं। यात्रियों को इन मार्गाें पर डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं जिम्मेदार इसको लेकर अनजान बने हुए हैं। पत्राचार के बाद भी अधिकारी यात्रियों की समस्या का समाधान नहीं कर रहे है। बीसलपुर-पूरनपुर में बनाए गए बस स्टैंड का भी अफसर सही से संचालन नहीं करा सके।
जिले में कुल पांच तहसीलें हैं। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक बीसलपुर और पूरनपुर बड़ी तहसीलों में गिनी जाती है। यहां पर अन्य जगहों की अपेक्षा बेहतर कार्य कराने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन अफसर बीसलपुर और पूरनपुर तहसील क्षेत्र की परिवहन सेवाओं को अब तक सुधार पा रहे हैं। अफसरों ने परिवहन सुधार के लिए यहां रोडवेज बस अड्डे का तो निर्माण कराया, लेकिन दशकों बीतने के बाद इनसे बसों का संचालन नहीं हो सका है। हाल यह है कि बस स्टैंड पर यात्री तो नहीं पहुंच रहे हैं, लेकिन यह शरारती लोगों के लिए अड्डा जरूर बन गया है।
प्रमुख चौराहे पर घंटों इंतजार के बाद मिल पा रही बस : बस स्टैंड का संचालन न होने से बीसलपुर के यात्री बारह पत्थर व ईदगाह, वहीं पूरनपुर के यात्री असम हाईवे के सिरसा चौराहा और घुंघचाई चौराहे से बस पकड़ रहे हैं। ऐसे में बसों के आने-जाने की समय का पता न होने पर यात्रियों को घंटों बसों का इंतजार करना होता है। संवाद