पीलीभीत। पूरनपुर सीएचसी में कर्मचारियों के बीच चल रही गुटबाजी का डीएम ने संज्ञान लिया। डीएम के आदेश के बाद सीएमओ ने सीएचसी के छह कर्मचारियों का अलग-अलग सीएचसी-पीएचसी पर तबादला कर दिया। सीएमओ की इस कार्रवाई से कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। अब कर्मचारी तबादला रुकवाने के लिए सीएमओ कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
पूरनपुर सीएचसी में जन्म प्रमाण पत्र समेत तमाम मामलों में होने वाली वसूली को लेकर कर्मचारियों की गुटबाजी है। दोनों गुटों के कर्मचारियों के बीच हमेशा एक दूसरे की शिकायतों का दौर चलता रहता है। कर्मचारियों के बीच हाल ही में गुटबाजी इस कदर बढ़ गई कि एक दूसरे पर आरोप लगाते हुए प्रशासन से शिकायतें की गईं। लगातार आने वाली शिकायतों को देखते हुए डीएम ने बीते दिनों सिटी मजिस्ट्रेट अरुण कुमार सिंह ने पूरनपुर सीएचसी का निरीक्षण करने को भेजा था।
सिटी मजिस्ट्रेट के निरीक्षण में सीएचसी में तमाम खमियां पाई गईं। सीएचसी में एक प्राइवेट कर्मचारी मरीज के तीमारदार से रुपये लेते हुए भी पकड़ा गया था। मरीजों की जांच के दौरान भी कर्मचारियों में गुटबाजी दिखाई दी। डीएम ने सीएमओ को शिकायत में लिप्त कर्मचारियों को हटाने के आदेश दिए। इस कड़ी में सबसे पहले सीएचसी अधीक्षक डॉ. लेखराज का तबादला कर दिया गया। उसके बाद वरिष्ठ टीबी प्रयोगशाला पर्यवेक्षक (एसटीएलएस) शेर सिंह चौहान को बीसलपुर सीएचसी, बीसलपुर से योगेश को पूरनपुर, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक राम औतार शर्मा को अमरिया, वार्ड ब्वाय गौरव को परेवा वैश्य पीएचसी भेजा गया है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी वीरेंद्र सक्सेना और सुशील कुमार को अमरिया सीएचसी और रजनी दीक्षित को बिलसंडा सीएचसी भेजा गया। स्वास्थ्य विभाग में अचानक हुई कार्रवाई से कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
पूरनपुर सीएचसी से छह कर्मचारियों का तबादला अलग-अलग पीएचसी किया गया है। यह प्रशासनिक आधार और जनहित में किया गया है। एमओआईसी को सभी लोगों को तत्काल रिलीव करने के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा अभी अन्य कर्मियों पर भी कार्रवाई होगी। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ