पीलीभीत। यात्रियों के लिए सफर का संकट बना हुआ है, मगर संसाधनों को लेकर कोई गंभीर दिखाई नहीं दे रहा। पीलीभीत से शाहजहांपुर तक 84 किलोमीटर लंबे रेल खंड पर 48 माह बाद भी यात्री ट्रेनों का संचालन नहीं हो सका। यह स्थिति तब है, जब दस महीने से रेलवे ट्रैक तैयार है।
पीलीभीत- शाहजहांपुर के बीच ब्रॉडगेज कार्य को लेकर 30 मई, 2018 को मीटरगेज की ट्रेनों को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया गया। इसके बाद एक जून से 84 किलोमीटर में 427 करोड़ की लागत से ब्रॉडगेज का काम शुरू हुआ। शुरुआती दौरान में तो काफी तेजी दिखाई दी। अफसर भी एक साल में काम पूरा करने का दावा कर रहे थे। मगर दिन बीतते गए और काम की गति सुस्त होती चली गई। पहले बीसलपुर और पीलीभीत के बीच 37 किलोमीटर में ट्र्रेन चलाने की कवायद शुरू हुई थी।
37 किलोमीटर में काम पूरा होने बाद फरवरी, 2020 में सीआरएस निरीक्षण हो गया। मगर अज्ञात कारणों से ट्रेनों का संचालन नहीं हो सका। इसके बाद बीसलपुर और शहबाजनगर के बीच 42 किलोमीटर में काम पूरा करने के बाद नवंबर 2020 में सीआरएस हो गया और पीलीभीत-शहबाजनगर के बीच 79 किलोमीटर में ट्रेन चलाने की तैयार शुरू हो गई। मगर अफसोस यह भी रेलवे का वादा झूठा साबित हुआ। फिर शहबाजनगर और शाहजहांपुर के बीच पांच किलोमीटर में उत्तर रेलवे से ब्लॉक को लेकर काम रोकना पड़ा।
पूर्वोत्तर रेलवे और उत्तर रेलवे में सात माह तक जद्दोजहद चलती रही। इसके बाद दोनों डिवीजनों में सहमति हो गई और जुलाई 2021 में शाहजहांपुर जंक्शन पर मेन ट्रैक से कनेक्टिंग हो गई। इसके बाद फिर सीआरएम ने चार अगस्त 2021 को निरीक्षण कर ट्रेन संचालन के लिएस ट्रैक पास कर दिया। मगर अगस्त से दस माह ट्रैक तैयार होकर बीत चुकें है, मगर संचालन नहीं हो पा रहा है।
कब क्या हुआ
30 मई, 2018 को मीटरगेट की ट्रेनों का संचालन बंद।
01 जून, 2018 से ब्रॉडगेज का काम शुरू।
15 फरवरी, 2020 में पीलीभीत-बीसलपुर के बीच काम पूरा।
10 फरवरी, 2020 पीलीभीत से भोपतपुर के बीच सीआरएस निरीक्षण।
11 फरवरी, 2020 को भोपतपुर-बीसलपुर के बीच सीआरएस निरीक्षण।
15 अक्तूबर, 2020 को बीसलपुर से शाहबाजनगर के बीच काम पूरा।
31 अक्तूबर, 2020 को बीसलपुर से निगोही के बीच सीआरएस निरीक्षण
01 नंवबर, 2020 को निगोही से शहबाजनगनर के बीच सीआरएम निरीक्षण
28 जुलाई, 2021 को शाहजहांपुर जंक्शन पर एनआई का फाइनल टेस्ट हुआ
04 अगस्त, 2021 को शहबाजनगर-शाहजहांपुर के बीच सीआरएम निरीक्षण होने के बाद पूरा ट्रैक कंप्लीट हो गया।