घटना दुधियाखुर्द रेलवे स्टेशन की है। ऐशबाग से चलकर इज्जतनगर को जाने वाली पैसेंजर ट्रेन दुधियाखुर्द रेलवे स्टेशन पर अपरान्ह करीब सवा ग्यारह बजे पहुंची थी। ट्रेन के रवाना होने से पहले चालक को दिए जाने वाले टोकन को लेकर ट्रेन चालक राकेश सैनी और टोकन पोर्टर लालाराम में टोकन लेने को लेकर विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षोें में मारपीट की नौबत आ गई। इस पर चालक ने टोकन लेने और ट्रेन को ले जाने से मना कर दिया। हंगामे पर स्टेशन मास्टर मनीष यादव और ट्रेन के गार्ड आरआर सिंह ने मौके पर पहुंचकर ट्रेन चालक और पोटर को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान आरोप-प्रत्यारोप पर दोनों पक्ष फिर भिड़ गए। स्टेशन मास्टर ने पूरे मामले की जानकारी कंट्रोल को दी। टोकन पोर्टर का कहना था कि ट्रेन रुकने पर वह टोकन देने जब पहुंचा, तब ट्रेन चालक अपने साथी से बातों में मशगूल था। कई बार टोकन पहले ले लेने की बात कहने पर उससे अभद्रता कर टोकन लेने से इनकार कर दिया। चालक का कहना था कि पोर्टर ने बेवजह अभद्रता कर गाली-गलौज शुरू कर दी। हालांकि बाद में चालक ने स्टेशन मास्टर को मेमो देकर टोकन लिया और ट्रेन करीब 11.42 बजे दुधिया खुर्द रेलवे स्टेशन से रवाना हो सकी।
ट्रेन के चालक और पोर्टर में तू-तू मैं-मैं हो गई थी। कंट्रोल को सूचना देने के साथ गार्ड के साथ मौके पर पहुंचकर दोनों को समझा कर शांत कर दिया गया। ट्रेन चालक ने पोर्टर पर गाली-गलौज करने का आरोप लगाते हुए मेमो दिया है। पूरे मामले की जानकारी उच्च अफसरों को दे दी गई है।
मनीष यादव, स्टेशन मास्टर दुधियाखुर्द