जर्जर हो चुका था टावर, अधिकारियों ने नहीं दिया ध्यान
घायल छात्र-छात्राओं के मुताबिक टावर कमजोर और कई जगह से गला हुआ प्रतीत हो रहा था। उन्हें किसी गाइड और चालक ने ऊपर चढ़ने के लिए मना नहीं किया। अचानक टावर टूट गया। हादसे के बाद सभी सैलानी काफी दहशत में नजर आए। टावर की जर्जर हालत पर अधिकारियों ने कभी ध्यान नहीं दिया।
पीटीआर में उपचार की नहीं कोई व्यवस्था
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में उपचार की कोई व्यवस्था नहीं है। मुस्तफाबाद गेस्ट हाउस में जहां पर्यटक इकट्ठा होते हैं वहां सैलानियों को महज टिकट दिया जाता है जबकि उपचार की कोई व्यवस्था नहीं है। हद तो यह है कि प्राथमिक चिकित्सा तक के इंतजाम नहीं है। यही कारण रहा कि बृहस्पतिवार को हादसे के बाद घायलों को माधोटांडा कस्बे में एक निजी चिकित्सक के यहां ले जाया गया।
मुस्तफाबाद के रेंजर ने बताया कि टावर पर एक समय में पांच-छह लोगों को ही चढ़ने देने के लिए गाइड और चालकों को निर्देश थे। जबकि करीब 16 लोग उस पर पहुंच गए, इसी वजह से हादसा हुआ। मामले की जांच कराई जाएगी।