शादी के चौदह साल बाद दिव्यांगजन विवाह पुरस्कार योजना का लाभ ले लिया गया। जांच में मामला खुला तो डीएम और सीडीओ के निर्देश पर दोनों आवेदकों, दो ग्राम पंचायत सचिव, तत्कालीन प्रधान और प्रिंटिंग प्रेस स्वामी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
मामला बरखेड़ा के क्षेत्र का है। बलदेव गौटिया के रहने वाले धर्मपाल पुत्र सीताराम और मायाराम पुत्र रोशनलाल ने योजना के लाभ के लिए आवेदन किया था। इस योजना केे तहत पुरुष को पंद्रह हजार और महिला को बीस हजार की राशि प्रदान की जाती है। शिकायत होने पर दोनों की जांच कराई गई तो चौंकाने वाली बात सामने आई। आवेदन में धर्मपाल का विवाह सुशीला देवी के साथ 29 जुलाई 2019 को दिखाया गया। जबकि मायाराम का विवाह लता देवी से 27 मई 2019 को दिखाया गया।
2020-2021 में किया था आवेदन
दोनों जोड़ों ने योजना का लाभ पाने के लिए वित्तीय वर्ष 2020-2021 में आवेदन किया। दोनों आवेदनों की संस्तुति ग्राम पंचायत सचिव मोहम्मद रिजवान और महेंद्र सिंह द्वारा की गई। दोनों आवेदनों का भौतिक सत्यापन जब कराया गया। इसमें धर्मपाल का विवाह सुशीला देवी से 2007 में हुआ तथा मायाराम का विवाह लता देवी से 2010 में हुआ पाया गया। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद डीएम पुलकित खरे और सीसीडीओ प्रशांत कुमार श्रीवास्ताव ने दोनों पर एमआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। सोमवार को जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण कार्यालय के वरिष्ठ सहायक अकबर अली की तरफ से दोनों आवेदकों, ग्राम पंचायत सचि मोहम्मद रिजवान और महेंद्र सिंह, तत्कालीन गाम प्रधान नाम अज्ञात, प्रिंटिंग प्रेस स्वामी नाम अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई।