अमरिया और कलीनगर को नई तहसील बनाने का मामला सोमवार को लखनऊ में होने वाली कैबिनेट की बैठक में उठ सकता है। उम्मीद की जा रही है कि जिले के दोनों मंत्री मिलकर जिले को तोहफा दिला सकते हैं।
पूरनपुर तहसील को विभाजित कर कलीनगर को तहसील बनाने का मामला पिछले करीब आठ साल से लंबित है। करीब एक साल पूर्व राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार हाजी रियाज अहमद ने भी सदर तहसील को विभाजित कर अमरिया को नई तहसील बनाने का प्रस्ताव शासन को भिजवाया था। जुलाई व अगस्त में इस पर काम भी हुआ था और प्रशासन ने इसमें शामिल गांव का नक्शा भी शासन को भेजा था।
लेकिन इस बीच विधायक (अब राज्यमंत्री) हेमराज वर्म ने अमरिया तहसील में कुछ गांव के चयन को गलत बताते हुए विरोध जताया था। एक ही सरकार के दो प्रतिनिधियों के बीच काफी दिनों तक रस्सीकसी चली थी। वर्तमान में दोनों जनप्रतिनिधि प्रदेश सरकार में मंत्री और सोमवार को दोनों की मौजूदगी में संभवत: तहसील विभाजन पर चर्चा होनी है। उम्मीद की जा रही है दोनों मंत्रियों के प्रयासों से जिले को नई तहसील का तोहफा मिल सकता है।
प्रस्तावित अमरिया तहसील का विरोध करेंगे वकील
पीलीभीत। अमरिया को नई तहसील बनाने का प्रस्ताव भेजे जाने के समय से ही इसका विरोध हो रहा है। अब कैबिनेट पर चर्चा होने की संभावना को देखते संयुक्त बार एसोसिएशन ने विरोध के लिए पुन: कमर कस ली है। अध्यक्ष किशनलाल ने बताया कि अमरिया से कई साल पहले कलीनगर को नई तहसील के रूप में प्रस्तावित किया गया था जो पूरनपुर तहसील का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि जिले में पूरनपुर तहसील काफी बड़ी है। इसलिए पहले पूरनपुर तहसील का विभाजन कर कलीनगर को तहसील घोषित होना चाहिए। उन्होंने बताया कि अमरिया को तहसील बनाने का बार एसोसिएशन लोकतांत्रित तरीके से विरोध करेगी और इसके तहत सोमवार को अधिवक्ता हड़ताल कर न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।