गांव तिल्छी निवासी 47 वर्षीय मजदूर नूर हसन की शनिवार की रात मौत हो गई। घरवालों ने ठंड लगने से मौत होना बताया है।
गांव तिल्छी निवासी हुसैना बेगम ने बताया कि उनका परिवार काफी गरीब है। उनके पास जमीन भी नहीं है। घरवालों के रोटी रोजी का साधन केवल मेहनत मजदूरी है। नूर हसन मेहनत, मजदूरी कर परिवार का पेट पालता था। उनका घर कच्चा है और छप्पर पड़े हुए हैं। उनके घर में सर्दी से बचने के लिए गर्म कपड़े भी नहीं हैं। बताया कि शनिवार को पड़ी कड़ाके की ठंड की चपेट में उनके पति आ गए और आधी रात के समय उनकी मौत हो गई। रविवार को सुबह जानकारी होने पर उनके अधिकांश रिश्तेदार भी आ गए थे। दोपहर बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मृतक की पत्नी हुसैना बेगम, रवि खां, असलम खां, सलीम और पुत्री संजीदा बानो का रोते रोते बुरा हाल हो रहा है। इस बाबत तहसीलदार नन्हे लाल ने बताया कि उन्हें अभी तक इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। वह सोमवार को राजस्व विभाग की टीम भेजकर मामले की जांच कराएंगे।