फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सहकारी चीनी मिल चालू कराने के लिए किसानों ने पैदल मार्च कर धरना दिया

विज्ञापन
कस्बा मझोला में पैदल मार्च निकालते किसान। संवाद - फोटो : PILIBHIT
विज्ञापन
मझोला। किसानों ने दस वर्ष से बंद पड़ी सहकारी चीनी मिल चालू कराने की मांग को लेकर पैदल मार्च किया और धरना दिया। उप जिलाधिकारी सदर धरना स्थल पर पहुंचे और आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया। किसानों ने कहा कि अगर चीनी मिल चालू करने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो बेमियादी धरना शुरू होगा।
विज्ञापन

मझोला की बंद चीनी मिल को चालू कराने समेत आठ मांगों को लेकर किसानों ने बृहस्पतिवार दोपहर धरना शुरू किया। इससे पहले हाथों में तख्ती लेकर पैदल मार्च निकाला। धरने को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन तराई क्षेत्र के प्रभारी बलजिन्दर सिंह मान ने कहा की अगर प्रशासन ने किसानों की मांगें नहीं मानी तो 29 दिसंबर से बेमियादी धरना शुरू कर दिया जाएगा। भाकियू के नगर अध्यक्ष करनवीर सिंह ने कहा कि चीनी मिल में रह रहे कर्मचारियों को बिजली पानी की सुविधा प्रशासन सुचारू रूप से चालू करें। कर्मचारियों का बिजली पानी में आने वाला खर्च किसान देने के लिए तैयार हैं। उप जिलाधिकारी ने चीनी मिल में रह रहे कर्मचारियों को बिजली पानी की सुविधा देने के लिये मिल प्रशासन से बात कर सुचारू रूप से चालू कराने का आश्वासन दिया। धरने में चाय लंगर की व्यवस्था भी की गई। शाम को धरना समाप्त हो गया। धरने में गुरसेवक सिंह जिलाध्यक्ष उधम सिंह नगर, स्वराज सिंह जिलाध्यक्ष भाकियू पीलीभीत, गुरदीप सिंह उपाध्यक्ष भाकियू, दिनेश कुमार, अवतार सिंह ब्लॉक अध्यक्ष खटीमा, रमेश मिश्रा नगर अध्यक्ष पूरनपुर शामिल रहे। सत्यप्रकाश शुक्ला कर्मचारी मजदूर नेता, सुखराम चीनी मिल डायरेक्टर मझोला, गुरप्रीत सिंह, हरवीर सिंह, कपिल अग्रवाल युवा जिला अध्यक्ष उद्योग व्यापार मंडल मझोला, प्रेम चंद गोयल जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष उद्योग व्यापार मंडल ने संबोधित किया।
व्यापारियों का मिला समर्थन
मझोला। प्रतिनिधि उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष संजीव मिश्रा ने धरना स्थल पर पहुंच कर समर्थन दिया। किसानों के साथ कंधे से कंधे मिला कर चलने का आश्वासन दिया। कपिल अग्रवाल युवा जिला अध्यक्ष उद्योग व्यापार मंडल ने कहा कि चीनी मिल बंद होने से मझोला का व्यापार थम गया है। रोजगार के अवसर भी खत्म हो चुके हैं। व्यापारी अन्य शहरों की ओर रुख कर रहे हैं। मझोला चीनी मिल से ही मझोला की पहचान बनी है। इसलिए चीनी मिल चलना बहुत जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ये हैं मांगें
गन्ना किसानों को बकाया मय ब्याज के दिलाया जाए
गन्ना अधिनियम का पालन सुनिश्चित हो
बंद पड़ी चीनी मिल को अविलंब चलाया जाए
चीनी मिल की जमीन की पैमाइश कराई जाए
मिल में रह रहे कर्मचारियों को सेवानिवृत्त होने संबंधी लाभ दिए जाएं
चीनी मिल में हुए घोटालों कर जांच कर कार्रवाई की जाए
घोटाले के दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई हो
चीनी मिल को जल्दी से जल्दी चालू कराया जाए। अन्यथा की स्थिति में किसान फिर से आंदोलन के लिए मजबूर हो जाएंगे।
करनवीर सिंह
अगर प्रशासन ने किसानों की मांगें नहीं मानी तो 29 दिसंबर से बेमियादी धरना शुरू कर दिया जाएगा।
- बलजिंदर सिंह मान
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें