रात भर लगे रहे पिंजरों में नहीं पहुंची बाघिन
डगा गांव में बाघिन के हमले में एक किसान की मौत की जांच को लखनऊ से डब्ल्यूटीआई की टीम पहुंची। टीम ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ घटना स्थल का निरीक्षण किया। उधर खूनी बाघिन को पकड़ने केे लिए लगाए गए तीनों पिंजरे सुबह भी खाली मिले। थाना क्षेत्र के डगा गांव निवासी अहमद खान पर रविवार की रात बाघिन ने हमला कर मार डाला था। घटना के बाद वन विभाग की टीम ने बाघिन को पकड़ने के लिए अलग अलग स्थानों पर तीन पिंजरे लगाए साथ ही चार स्थानों पर पड्डे बांधे लेकिन बाघिन न पिंजरे में पहुंची और न ही उसने किसी पड्डे पर हमला किया। इससे वन विभाग की टीम को निराशा हाथ लगी हैं। उधर बाघिन के न पकड़े जाने से ग्रामीणों में दहशत है और वह खेतों पर जाने से डर रही है। इधर घटना की जांच के लिए मंगलवार को लखनऊ से डब्ल्यूटीआई के डॉ. प्रेम चंद्र पांडेय के नेतृत्व में टीम पहुंची। टीम ने बराही रेंजर अनिल शाह के साथ घटना स्थल का निरीक्षण किया। डॉ. पांडेय ने बताया कि पदचिह्नों के मिलान के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी लेकिन पहली नजर में यह बाघिन ही प्रतीत हुई है।
राजपुर सिमरा में तेंदुए ने गाय को मारा
माधोटांडा। डगा गांव में हमले के बाद से लोगों में दहशत है। उधर जंगल पार तराई क्षेत्र के गांव राजपुर ताल्लुक महाराजपुर में सोमवार की रात एक तेंदुआ गांव निवासी राजेंद्र यादव के घर के बाहर बनी पशुशाला में घुस आया। तेंदुए ने पशुशाला में बंधी गाय पर हमलाकर मार डाला। अन्य पशुओं की आवाज आने से गृहस्वामी की पत्नी बिंदु देवी बाहर निकाली तो तेंदुआ उसकी ओर भी झपटा लेकिन वह बच गई। राजेंद्र ने घटना की सूचना वन विभाग को दी जिसपर सुबह वनदरोगा रामबहादुर मौके पर पहुंचे। रेंजर अनिल शाह ने बताया कि वनदरोगा को मौके पर भेजा गया था। गाय की मौत पर राजेंद्र को मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही क्षेत्र के लोगों को सतर्क कर दिया गया है।