अमरिया। धान के खेत से घास निकाल रहे मजदूरों के उस समय पसीने छूट गए, जब एक बाघिन अपने दो शावकों के साथ गन्ने के खत से निकलकर उन पर हमलावर हो गई। मजदूर के शोर मचाने पर दर्जनों ग्रामीण शोर मचाते हुए लाठी डंडे लेकर ओर दौड़ पड़े। शोर शराबा सुनकर बाघिन अपने शावकों के साथ गन्ने के खेत में वापस लौट गई। सूचना के बाद डब्ल्यूटीआई की टीम के साथ पहुंचे वन कर्मियों ने पगमार्क तलाश किए। खेतों में पानी भरा होने और घास अधिक होने के कारण पगमार्क ट्रेस नहीं हो सके। ग्रामीणों को अलर्ट कर निगरानी बढ़ाई गई है।
थाना अमरिया क्षेत्र के गांव रसूला निवासी हरजीत सिंह ने बताया कि रविवार सुबह आठ बजे उनके मकान से तीन सौ मीटर की दूरी पर धान के खेत में गांव फरदिया निवासी मजदूर राम औतार, सूरज पाल और भगवान दास घास की नराई कर रहे थे। मजदूरों की आहट पाकर कुछ ही दूरी पर गन्ने के खेत से बाघिन अपने शावकों के साथ निकलकर बाहर आ गई। बाघिन को शावकों के साथ अपनी ओर आता देखकर मजदूरों के पसीने छूट गए। वे शोर मचाते हुए गांव की ओर दौड़ पड़े। बाघिन कुछ दूरी तक उनके पीछे भी आई। मगर गांव के लोग शोर सुनकर लाठी डंडे लेकर शोर मचाते हुए जंगल की ओर दौड़ पड़े। इससे बाघिन अपने शावकों के साथ कुछ देर तक धान के खेत के पास खड़ी रही। उसके बाद वह गन्ने के खेत में लौट गई। सूचना मिलने के बाद वन विभाग के डिप्टी रेंजर देव ऋषि सक्सेना, वन दरोगा सोनी सिंह, चेतन कुमार, कैलाश कुमार एवं डब्ल्यूटीआई के मुनीष सिंह तोमर ने मौका मुआयना कर बाघिन के पगमार्क तलाश किए। खेत में घास और पानी अधिक होने के कारण पग मार्क नहीं मिले। टीम ने बाघिन और शावकों की सूचना को गंभीरता से लेते हुए ग्रामीणों को अलर्ट कर क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है।
ग्रामीणों द्वारा बाघ होने की सूचना मिली थी। मौके पर टीम को भेजा गया। मौके पर बाघ के पगमार्क नहीं मिले। फिर भी ग्रामीणों को अलर्ट कर निगरानी बढ़ा दी गई है।-सतेंद्र कुमार चौधरी, रेंजर, सामाजिक वानिकी
घबराए मजदूरों ने फार्म हाउस पहुंच कर बाघ के बारे में बताया। मैंने भी खेतों में शावकों के साथ बाघिन को गन्ने के खेत की ओर जाते देखा। एक सप्ताह पहले भी एक बाघ फार्म हाउस के आंगन में घूमकर चला गया था। बाघ के घर और खेतों में आने जाने से हर समय जान का खतरा है। -हरजीत सिंह
धान के खेत में मजदूरों को लेकर खाद डालने पहुंचा था। तभी पड़ोस के खेत में मजदूर शोर मचाते हुए भागे। खेत की ओर जब उन्हें आते देखा तो कुछ ही दूरी पर धान के खेत के बीच में खड़ा बाघ साफ दिखाई दे रहा था। वह कुछ समय बाद बराबर वाले गन्ने के खेत में चला गया। -दलवीर सिंह