पीलीभीत/गजरौला। माला रेंज से 200 मीटर दूरी पर बने एक घर में पेड़ की छाया के नीचे आराम कर रहे किसान पर बीते कई दिन से आबादी में घूम रही बाघिन ने हमला कर दिया। शोर-शराबा सुनकर पड़ोस से आए वृद्ध ने बांका लेकर बचाने का प्रयास किया तो बाघिन उस पर भी हमलावर हो गई। दोनों किसानों के आस-पास होने से बाघिन कुछ देर बाद ही घबराकर वहां से भाग निकली। हमले में दोनों घायल हो गए। किसान को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक किसान के सिर में गंभीर चोटें आईं हैं। थोड़ी देर बाद उसे बरेली रेफर किया गया है।
टाइगर रिजर्व के माला रेंज के समीप रिछोला क्षेत्र में पिछले कई दिनों से एक बाघिन का आतंक है। बीते सप्ताह के भीतर बाघिन जंगल से निकलकर कई बार आबादी क्षेत्र में आ चुकी है। मगर, टाइगर रिजर्व की ओर से उसे जंगल के अंदर रोकने के प्रयास नहीं किए गए। इसका नतीजा किसान पर हमला करने के रूप में सामने आया। रविवार दिन में करीब तीन बजे गजरौला थाना क्षेत्र के गांव रिछोला निवासी किसान रमनदीप सिंह (40) अपने घर के आंगन में पेड़ के नीचे आराम कर रहे थे। उनके घर से सटे मक्के का खेत भी है। बताते हैं कि मक्के के खेत में ही बाघिन छिपी बैठी थी। मौका पाकर बाघिन ने अचानक रमनदीप सिंह पर सिर की तरफ से हमला कर दिया। पंजा लगने से रमनदीप सिंह का सिर फट गया। उनके चीखने चिल्लाने के आवाज सुनकर पड़ोसी बलकार सिंह (60) बांका लेकर रमनदीप को बचाने दौड़ पड़े। बाघिन उन पर भी हमलावर हो गई। बाघिन ने उन पर हमलाकर जमीन पर गिरा दिया। उन्हें गिराने के बाद फिर रमनदीप पर हमला बोला। इस पर बुजुर्ग बलकार ने एक बार फिर उठकर पड़ोसी रमनदीप को बचाने का प्रयास किया। तीनों के बीच करीब 10 मिनट तक चली गुुत्थम-गुत्थी के बाद बाघिन मक्के के खेत में भाग निकली। इसमें रमनदीप सिंह गंभीर रुप से घायल हो गए। उनके पड़ोसी बलकार को भी चोटें आईं। इसके बाद टाइगर रिजर्व को हमले की सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे टाइगर रिजर्व के वनकर्मी और बलकार गंभीर रूप से घायल रमनदीप सिंह को जिला अस्पताल लेकर पहुंचेे। इमरजेंसी वार्ड में डॉ. संजीव सक्सेना ने रमनदीप के सिर से बह रहे खून को रोकते हुए प्राथमिक उपचार किया। डॉ. संजीव सक्सेना ने बताया कि किसान के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। लिहाजा उन्हें बरेली रेफर किया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही गजरौला पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गई। माला एरिया के रेंजर रामजी ने बताया कि हमले करने की सूचना पर वनकर्मियों को मौके भेजा गया। घायल किसान को जिला अस्पताल भिजवाया गया है।
हिम्मत हारते तो दोनों को मार डालती बाघिन
रिछोला निवासी वृद्ध किसान बलकार सिंह भी रमनदीप को बाघिन से बचाने के चक्कर में घायल हो गए। उनके पैरों में बाघिन के पंजों के निशान हैं। बलकार सिंह का कहना था कि बाघिन बार-बार उन दोनों पर पलट-पलटकर हमला कर रही थी। रमनदीप को तो बाघिन ने बुरी तरह घायल कर दिया। यदि वह भी हिम्मत हार जाते तो बाघिन दोनों को मार डालती।
रिछोला में ही दो माह पहले दो लोग हो चुके बाघ का शिकार
टाइगर रिजर्व की माला रेंज से सटा इलाके में रिछोला गांव बसा है। जंगल से नजदीक होने के चलते अक्सर वन्यजीव आबादी क्षेत्र में आते रहते हैं। रविवार को रिछोला के रमनदीप सिंह पर बाघिन हमले का मामला कोई नया नहीं है। इससे पूर्व दो अप्रैल की रात में बाघ ने रिछोला निवासी निंदर सिंह और उनके नौकर डोरीलाल पर हमला कर दोनों को मार डाला था। यह हमला बाघ ने उस समय किया था, जब दोनों गन्ने के खेत में पास ही रात में सो रहे थे। मकान की बाउंड्रीवाल एक तरफ से खुली हुई थी। मकान से मक्के का खेत सटा था।