अमरिया क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी लगातार बनी हुई है। वनकर्मियों की टीम को संबंधित क्षेत्र में शुक्ला फार्म की डबरी की तरफ बाघ के पगचिह्न प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा गजरौला फार्म पर देवहा नदी के पास श्रवण दत्त सिंह के गेहूं के खेत में बाघ की चहलकदमी के निशान मिले हैं। इससे क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
अमरिया क्षेत्र के लोगों के दिलों से बाघ की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। उपरोक्त दोनों स्थानों पर बाघ के पगचिह्न पाए जाने से इलाके के लोग दहशतजदा हैं। गन्ने के खेतों में लेबर काम करने से कतरा रही है। प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी आदर्श कुमार ने बताया कि ग्राम-सूरजपुर में गोष्ठी का आयोजन कर बाघ से बचाव एवं मुख्यमंत्री वृक्ष घन योजना के संबंध में लोगों को जानकारी दी गई। साथ ही लोगों को बाघ से सुरक्षा के लिए पर्चे भी बंटवाए गए। उन्होंने बताया कि बीसलपुर रेंज में बाघ प्रभावित क्षेत्रों में टीम द्वारा निरंतर निगरानी की जा रही है। अमरिया के बाघ प्रभावित क्षेत्रों में गठित टीम द्वारा निरंतर निगरानी की जा रही है। गठित टीम द्वारा मग्गर सिंह फार्म, दरोगा फार्म, अमरिया क्षेत्रों के ग्राम-अड़ौली, सुस्वार, जगदीशपुर, भिखारीपुर व अन्य प्रभावित ग्रामों में भी गश्त की गई, लेकिन वहां पर बाघ के पगचिह्न प्राप्त नहीं हुए।
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