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12 घंटे घर पर कब्जा किए रहा बाघ

Wed, 23 Nov 2016 11:14 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
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12 घंटे घर पर कब्जा किए रहा बाघ - फोटो : पीलीभ्‍ाीत/उत्‍ततर प्रदेश्‍ा
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सुबह हुई ही थी कि जंगल से निकला एक बाघ माधोटांडा के गांव मल्लपुर की आबादी में घुस आया। बच्चे की ओर बढ़ते देख पिता राजेश ने उसे बचाने के लिए बाघ पर साइकिल फेंक कर मारी तो वह कुछ देर शांत रहने के बाद राजेश के भाई के मकान में पहुंच गया। गांव वालों की खबर पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंच गई। बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लाया गया, उसमें बकरी भी बांधी गई, मगर बाघ उसमें नहीं गया। बाद में उसे ट्रैक्युलाइज करके महोफ रेंज के जंगल में ले जाकर छोड़ दिया गया। इस बीच आसपास के गांवों के लोगों का मजमा लग गया। एक सिपाही के लाठी चलाए जाने पर पब्लिक ने पथराव भी किया। एसपी ने सिपाही को तो निलंबित कर ही दिया, ग्रामीणों के खिलाफ भी मुकदमा लिखा गया है।
बुधवार सुबह छह बजे गन्ने के खेत से निकल कर मल्लपुर की आबादी में आया बाघ सबसे पहले राजेश के घर में ही देखा गया। घर के आंगन में राजेश उस वक्त साइकिल साफ कर रहा था। पांच वर्षीय बेटे सुभाष को बचाने के लिए राजेश ने उसी साइकिल को बाघ पर फेंक मारा। संभलने के कुछ देर बाद बाघ पड़ोस में राजेश के भाई जगदीश के मकान में पहुंचा। बाघ को देख झाड़ू लगा रही जगदीश की पत्नी मंजू देवी ने शोर मचाया। इस बीच बाघ कमरे में चला गया और फिर बरामदे में आकर बैठ गया था। बाघ देखने और फोटो खींचने की कोशिश में काफी भीड़ हो गई।
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मौके पर पहुंचे टाइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश, सामाजिक वानिकी के डीएफओ आदर्श कुमार, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के नरेश कुमार व उनकी टीम के साथ ही पुलिस भी पहुंच गई। ट्रैक्युलाइज किए जाने के बाद उसे पिंजेर में बंद करके शाम छह महोफ रेंज ले जाया गया और गेट खोल दिया गया। शाम सवा सात बजे बाघ होश में आया और वह उठकर जंगल की तरफ चला गया। 
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