माधोटांडा। लंबे समय से जंगल के बाहर घूम रहा बाघ बृहस्पतिवार की रात अपने पुराने ढर्रे की ओर लौट आया। सामाजिक वानिकी के स्थानीय अफसरों का दावा है कि शुक्रवार को डगा गांव के निकट खारजा नहर क्षेत्र में बाघ के पगमार्क ट्रेस हुए हैं। मिलान करने पर चहलकदमी कर रहे बाघ की ही पुष्टि हुई है। इसको देखते हुए क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।
टाइगर रिजर्व के जंगल से बाहर डेढ़ माह से आबादी क्षेत्र में चहलकदमी कर रहे बाघ की सक्रियता कम होने का नाम नहीं ले रही है। हरदोई ब्रांच और खारजा नहर क्षेत्र के आसपास बाघ की लगातार चहलकदमी बनी हुई है। तीन दिन पूर्व से रंपुरा क्षेत्र में देखे जा रहे बाघ की शुक्रवार सुबह डगा गांव के निकट लोकेशन ट्रेस की गई। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे सामाजिक वानिकी के रेंजर अयूब हसन का दावा है कि डगा गांव के सामने खारजा नहर की पटरी पर बाघ के पैरों के निशान ट्रेस किए गए हैं। इसे देखते हुए क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।
वन दरोगा अजमेर सिंह के नेतृत्व में स्थानीय वन कर्मी निगरानी में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को बाघ द्वारा किसी मवेशी के शिकार का कोई प्रमाण नहीं मिला है। उधर, बाघ की पुराने रास्ते की ओर दस्तक के बाद आसपास क्षेत्र में दहशत का माहौल है।