टाइगर
रिजर्व और इसमें बना चूका स्पाट सोमवार से पर्यटकों के लिए बंद कर दिया
गया। पहले सीजन में टाइगर रिजर्व को पर्यटकों से 17.18 लाख रुपये की आय हुई
है। अब पांच माह बाद 15 नंबवर को फिर इसे पर्यटकों के लिए खोला जाएगा। तब
पर्यटक यहां बने सप्त सरोवर और नई हटों का लुत्फ उठा सकेंगे। इसमें कुछ पर
काम चल रहा और कई नए प्रस्ताव भेजे गए हैं।
नौ जून 2014 को घोषित हुए
टाइगर रिजर्व का पहला सीजन सोमवार को पूरा होने के साथ शाम पांच बजे
पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया। पर्यटकों के साथ वीआईपी को भी यहां का
प्राकृतिक सौंदर्य काफी भाया। मुख्य सचिव सहित कई मंत्री व अधिकारी इसका
लुत्फ उठाने यहां पहुंचे।
आखिरी दिन चूका स्पॉट को 50 हजार की आय
अंतिम
दिन पयर्टकों से चूका स्पॉट को 50 हजार की आय हुई, जबकि रविवार को रिकार्ड
1.10 लाख प्राप्त हुए। पूरे सीजन की बात करें तो टाइगर रिजर्व में 1872
वाहनों से पहुंचे 11 हजार 136 पर्यटक पहुंचे। उनसे 17 लाख 18 हजार 500
रुपये की आमदनी हुई।
सप्त सरोवर का मिलेगा आनंद
टाइगर रिजर्व
में पर्यटकों को लुभाने के लिए सेल्हा के निकट स्थित सप्त सरोवर (सात झाल)
का भी सुंदरीकरण किया जा रहा है। इसके लिए यहां कर्मचारी आवास बनकर तैयार
हो गया है। साथ ही झाल को पानी देने के साथ स्थान को रमणीक बनाने की योजना
है।
टॉवर हटों से होंगे वन्यजीवों के दीदार
यहां आने वाले
पर्यटकों को वन्यजीव तो आसानी से मिल जाते हैं लेकिन बाघ के दर्शन काफी
मुश्किल होते हैं। इसके लिए डीएम ओएन सिंह ने यहां दो टावर हट बनाने को 10
लाख रुपये विभाग को दिए थे। इस धनराशि से महोफ रेंज में दो टावर हट बन रहे
हैं। इनका कार्य अंतिम चरण में है। एकांत में बन रहे टावर के ऊपर बने इन
हटों पर बैठकर पर्यटक वन्यजीवों के दीदार कर सकेंगे।
बंद हो सकता है चूका में वाहनों का प्रवेश
चूका
के गेट नंबर चार से चूका स्पॉट तक जाने के लिए पर्यटकों को अपना वाहन ले
जाना पड़ता है जिससे प्रदूषण बढ़ता है साथ ही एक बार में कई वाहन पहुंच
जाते हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए विभाग अपने वाहनों की व्यवस्था करने की
योजना बना रहा है। गेट नंबर पर चार ही वाहन उपलब्ध रहेंगे और इन्हीं
वाहनों से पर्यटकों को चूका स्पॉट तक ले जाया जाएगा।
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चूका स्पॉट
का पहला सीजन काफी अच्छा रहा। पर्यटकों ने इसे काफी पसंद किया। अगले सीजन
में इसे और बेहतर बनाने को कई काम चल रहे हैं। इसमें सप्त सरोवर, हट एवं
वाहनों आदि की व्यवस्था की जानी है।
- कैलाश प्रकाश, डीएफओ, टाइगर रिजर्व