बरसात आने के साथ ही वन विभाग ने पौधरोपण की तैयारियां शुरू कर दी है। इसको
लेकर लखनऊ में हुई बैठक में टाइगर रिजर्व के बफर जोन में भी पौधरोपण कराने
का निर्देश प्रमुख सचिव ने किए हैं। इसके लिए टाइगर रिजर्व को 100
हेक्टेअर का लक्ष्य दिया गया है।
टाइगर रिजर्व बनने के बाद जंगल क्षेत्र
में पेड़ों के कटान एवं नए पौधरोपण पर रोक लगा दी गई थी। इससे माना जा रहा
था कि अब पीलीभीत के जंगलों में नया पौधरोपण नहीं हो सकेगा। इसकी भरपाई
केवल सामाजिक वानिकी विभाग में पौधारोपण से की जाएगी, लेकिन लखनऊ में
पौधारोपण को लेकर हुई बैठक में प्रमुख सचिव (वन) ने सामाजिक वानिकी के साथ
टाइगर रिजर्व में भी पौधरोपण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि टाइगर
रिजर्व में केवल कोर एरिया में ही हर प्रकार की गतिविधियां प्रतिबंधित हैं।
बफर क्षेत्र में पौधरोपण किया जा सकेगा। इसके लिए इस वर्ष 100 हेक्टेअर का
लक्ष्य दिया गया है। पौधरोपण का लक्ष्य मिलने के बाद विभाग ने बफर जोन में
खाली पड़े स्थान को चिन्हित करना शुरू कर दिया है। इसमें महोफ रेंज के कुछ
भाग के साथ बराही के फैजुल्लागंज में पौधरोपण कराए जाने की तैयारी की जा
रही है। वहीं सामाजिक वानिकी विभाग द्वारा जिले में 168 हेक्टेअर में
पौधरोपण का लक्ष्य है। डीएफओ कैलाश प्रकाश ने बताया टाइगर रिजर्व के लिए
100 हेक्टेअर में पौधरोपण कराने के निर्देश मिले हैं। बफर जोन में स्थान
चिन्हित कर बरसात शुरू होते ही पौधरोपण कराया जाएगा।