जिले में सोलरपंप किसानों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। बिना खर्च के
सिंचाई की सुविधा के लिए किसान सोलरपंप पाने को लगातार रजिस्ट्रेशन करा रहे
हैं। किसानों की बढ़ती रुचि को देखते हुए कृषि विभाग ने इस बार दो किलोवॉट
के 275 सोलरपंपों की डिमांड शासन को भेजी है। इसके साथ ही तीन किलोवॉट व
पांच किलोवॉट की डिमांड भी भेजी गई है।
पिछले दो वर्षों में कृषि विभाग
की ओर किसानों को अनुदान पर सोलरपंप दिए गए थे। प्रारंभ में कुछ किसानों
द्वारा अपनाए जाने के बाद किसानों में इसे पाने की होड़ मच गई और जिले में
दो किलोवॉट के रिकार्ड 245 सोलरपंप किसानों में वितरित कराए गए। जिले में
किसानों के खेतों पर लग यह सोलरपंप इस समय वरदान साबित हो रहे हैं। विशेष
कर चैनी धान और गन्ने की सिंचाई के लिए किसानों को नहर व बिजली का इंतजार
नहीं करना पड़ रहा है। साथ ही मंहगे डीजल से भी मुक्ति मिल रही है। कृषि
विभाग ने इस बार सोलरपंप प्राप्त करने के लिए ऑन लाइन बुकिंग की व्यवस्था
लागू की है। जिसमें अब 250 से अधिक किसानों ने दो किलोवॉट के लिए
रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके अलावा तीन किलोवॉट व पांच किलोवॉट के लिए भी
रजिस्ट्रेशन हो रहे हैं। किसानों की रूचि को देखते हुए कृषि विभाग ने इस
बार जिले के लिए दो किलोवॉट के 275, तीन किलोवॉट के 25 और पांच किलोवॉट के
पांच सोलरपंप की डिमांड डीएम के माध्यम से शासन को भेजी है।
किसानों
में सोलरपंप काफी प्रचलित हो रहे हैं। इनकी उपयोगिता को देखते किसानों ने
बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन कराए हैं। किसानों की रूचि को देखते हुए दो
किलोवॉट के 275 सोलरपंप की डिमांड भेजी है।
एके सिंह, उपनिदेशक, कृषि