अमरिया/पीलीभीत। जंगल से बाहर अमरिया तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आबादी के निकट प्रवास किए बाघों की चहलकदमी किसानों के लिए आफत बनी हुई है। सोमवार सुबह खेतों की ओर चहलकदमी कर रहा बाघ गजरौला फार्म की सीमा में पहुंच गया। वहां धान में पानी लगाने पहुंचे मजदूर के सामने अचानक ईख से निकले बाघ ने छलांग लगा दी और धान के खेत में होते हुए आगे निकल गया। बाघ को छलांग लगाता देख मजदूर के होश उड़ गए। मजदूर फार्म की ओर भाग आया और सूचना वन विभाग को दी।
अमरिया तहसील क्षेत्र में लंबे समय से बाघों का कुनबा प्रवास किए हुए है, जो आधा दर्जन से अधिक गांवों की सीमा में चहलकदमी कर किसानों के लिए मुसीबत बना हुआ है। कभी एक तो कभी तीन-तीन बाघों की एक साथ चहलकदमी देखी जाती है। इधर, सोमवार सुबह क्षेत्र के गजरौला फार्म पर मजदूरी कर रहे जावेद धान की फसल में पानी लगाने के लिए खेत पर पहुंचे। इसी दौरान करीब 40 फुट दूरी से गन्ने के खेत से बाघ बाहर निकल आया और मजदूर को देखते हुए छलांग लगाते हुए धान के खेत में होकर आगे की ओर निकल गया। बाघ देख जावेद के होश उड़ गए। वह भागकर फार्म हाउस पहुंचे और सूचना वन विभाग को दी। इस पर क्षेत्रीय वनकर्मी सोमपाल, तेजपाल ने मौका मुआयना किया। डिप्टी रेंजर देवेंद्र पाल सिंह ने बताया कि बाघ की सूचना पर वनकर्मियों को भेजा गया था। पगचिह्न ट्रेस हुए हैं। किसानों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
बाघ से नजरें मिलीं तो कांपने लगा था शरीर
जावेद ने बताया कि गन्ने के खेत से निकले बाघ ने रुककर उसकी ओर देखा और कुछ देर तक वहीं ठहरा रहा। इसके बाद वह छलांग लगाकर आगे की ओर निकल गया। बाघ को सामने देख उसका शरीर कांपने लगा था। अब भी वह मंजर याद आता है तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं। जैसे तैसे हिम्मत कर वह फार्म हाउस तक पहुंचा।
शारदा पार हाथी की चहलकदमी जारी
माधोटांडा। बराही रेंज के अंतर्गत शारदा नदी के पार नेपाली हाथी का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। रात होते ही लग्गा भग्गा जंगल से बाहर निकलकर हाथी ढकिया ताल्लुके महाराजपुर गांव की सीमा में आकर किसानों की फसलें रौंद रहा है। नुकसान का दायरा बढ़ने से किसानों में मायूसी है। रविवार रात भी हाथी ने जंगल से बाहर निकलकर किसानों की फसलें रौंदी डालीं। ब्यूरो