एक सप्ताह बाद शिवपुरिया और बिठौरा क्षेत्र में पुन: बाघ दिखने से ग्रामीण घबरा गए। सूचना पर वन विभाग की टीम को बाघ के पदचिह्न मिले हैं जिससे बाघ के क्षेत्र में होने की पुष्टि हुई है। ग्रामीणों से अलर्ट रहने की अपील की गई है।
माला रेंज में वनकटी के निकट 20 जून को बाघ ने जंगल किनारे खेत में घास काट रहे मिहीलाल पर हमला कर मार डाला था। घटना के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में दो दर्जन कैमरे लगाने एवं उसकी नियमित निगरानी का दावा किया था लेकिन वनकर्मियों को बाघ की लोकेशन नहीं मिली। अब रविवार की देरशाम घटना स्थल से कुछ आगे खरगापुर कॉलोनी के ग्रामीणों को जंगल की सीमा से सटे खेतों में बाघ की चहल कदमी दिखी। इस पर ग्रामीणों ने वन विभाग को फोन कर सूचना दी। इस सूचना को भी वन विभाग ने गंभीरता से नहीं किया और मात्र दो वनकर्मियों को जांच के लिए भेज दिया। सोमवार सुबह डीएफओ टीम के साथ खरगापुर पहुंचे। यहां ग्रामीणों से वार्ता के बाद बताए गए खेतों का निरीक्षण किया जिसपर उन्हें बाघ के पंजे मिले। क्षेत्र में बाघ की पुष्टि होने पर वनाधिकारियों के भी होश फाख्ता हो गए। पूर्व में हुई घटना का आक्रोश अभी शांत भी नहीं हुआ है ऐसे में यदि फिर बाघ हमलावर हो गया तो वनकर्मियों के साथ किसी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की मदद से वनाधिकारियों को ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और अलर्ट रहने एवं किसी भी प्रकार ही चहलकदमी दिखने पर वन विभाग को सूचना देने की अपील की। एसडीओ केपी सिंह ने बताया कि बाघ के पदचिह्न मिले हैं। ग्रामीणों को एलर्ट रहने को कहा गया है। कैमरों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।