पीलीभीत में जंगल किनारे खेत में गन्ने की फसल की निराई (खरपतवार साफ करना) कर रही गांव खिरकिया बरगदिया निवासी महिला को बाघ ने हमला कर मार डाला। खेत पर पहुंचे पति के शोर-शराबा करने पर आसपास खेतों में मौजूद किसान एकत्र हुए। खोजबीन करने पर खेत के ही एक हिस्से में महिला का खून से लथपथ शव पड़ा हुआ मिला। शव देख हड़कंप मच गया। सूचना पर वन विभाग के अफसर-कर्मचारी ग्रामीणों के आक्रोश की वजह से तीन घंटे बाद तक मौके पर नहीं पहुंच सके।
घटना हरीपुर जंगल के किनारे गांव चंदिया हजारा से खिरकिया बरगदिया जाने वाले रास्ते पर गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर की है। घटनास्थल से कुछ दूरी पर जंगल और दूसरी ओर खेत हैं। रविवार को गांव खिरकिया बरगदिया निवासी रामायन अपनी पत्नी लौंगश्री (55) और बड़े पुत्र श्याम सुंदर के साथ गन्ना फसल की निराई करने गए थे। कुछ देर बाद श्याम सुंदर वापस घर चला आया। दंपती खेत की निराई करते रहे। कुछ दूरी पर दूसरे खेत में किसान का ट्रैक्टर चल रहा था। पड़ोस खेत में कई महिलाएं घास काट रही थीं। दोपहर करीब तीन बजे भूख लगने की बात कहकर रामायन घर चला गया। घर से खाना लेकर लौटने पर पत्नी लौंगश्री को खेत में न देखकर उसने शोर-शराबा किया। इस पर आसपास खेतों में काम कर रहे लोग एकत्र हुए। लोगों ने शोर शराबा करते हुए लौंगश्री की तलाश शुरू की।
खोजबीन में खेत के दूसरे छोर पर लौंगश्री का खून से लथपथ शव मिला। सूचना हरीपुर रेंजर को दी गई। मगर घटना के तीन घंटे बाद वन विभाग के अफसर और कर्मचारी नहीं पहुंचे। हरीपुर रेंजर सहीर अहमद ने बताया कि बाघ के हमले से महिला की मौत की जानकारी मिली है। टीम के साथ मौके पर रवाना हुए है। एसएसआई नितिन शर्मा ने बताया कि बाघ के हमला से महिला की मौत की सूचना पर टीम को भेजा गया है। लौंगश्री का शव को पोस्टमार्टम को भेजा जाएगा। लौंगश्री के परिवार में पति के अलावा दो पुत्र श्याम सुंदर और 20 वर्षीय राजेंद्र है। पांच पुत्रियों में चार की शादी हो चुकी है। शिवकुमारी अविवाहित है।