बरेली के विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट संख्या-दो कमलेश्वर पांडेय ने हत्या में दोषी बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के गांव रामनगर पूर्व देवी नरायन गौटिया निवासी धर्मपाल व नरेंद्र (सगे भाई) और गोपी को आजीवन कारावास व 54,500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने बुधवार को यह फैसला सुनाया। इसी हत्याकांड में तीन जनवरी को कोर्ट ने रुकुम सिंह व नरेंद्र के बेटे श्याम सुंदर उर्फ चिंटू को आजीवन कैद और जुर्माने की सजा सुनाई थी।
बारादरी थाने में प्रेम बाबू ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उन्होंने अपनी बेटी पुष्पा की शादी रामनगर पूर्व देवी नरायन गौटिया निवासी नरेंद्र के बेटे श्याम सुंदर उर्फ चिंटू से तय की थी। उन्होंने रोके में 55 हजार रुपये नकद दिए थे। कुछ दिन बाद नरेंद्र ने शादी से इन्कार कर दिया तो उन्होंने बेटी की शादी दूसरी जगह कर दी।
गोली मारकर की थी हत्या
रोके में दिए गए 55 हजार रुपये नरेंद्र ने वापस नहीं किए। 27 मई 2010 को नरेंद्र उनकी दुकान के सामने से निकल रहा था। उन्होंने उससे 55 हजार रुपये वापस करने के लिए कहा तो वह झगड़े पर आमादा हो गया और गालियां देने लगा।कुछ देर के बाद नरेंद्र अपने भाई धर्मपाल, लड़के श्याम सुंदर उर्फ चिंटू, रुकुम सिंह और गोपी के साथ उसकी दुकान पर लाठी-डंडे व तमंचा लेकर आया। सभी ने उस पर हमला कर दिया। उसके भतीजे सौरभ की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने जांच के बाद पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी।
सुनवाई के दौरान अभियोजन ने 10 गवाह पेश किए। तीन जनवरी को धर्मपाल, नरेंद्र और गोपी कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। ऐसे में रुकुम सिंह और श्याम सुंदर उर्फ चिंटू को सजा सुनाई गई। बाद में पुलिस ने धर्मपाल, नरेंद्र और गोपी को कोर्ट में पेश किया। बुधवार को इन तीनों को दोषी करार देते हुए कोर्ट ने कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है।