पीलीभीत। राजकीय कोष में सरकारी धन जमा करने जा रहे चूका बैरियर के निकासी मुंशी के साथ हुई लूट के मामले में तीन आरोपियों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई गई। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट/अपर सत्र न्यायाधीश गीता सिंह ने 35-35 हजार रुपये जुर्माना सहित सात-सात साल की सजा सुनाई।
थाना न्यूरिया के ग्राम पंडरी स्थित चूका बैरियर निवासी मुंशी करन सिंह अपने साथी अलंकार सिंह के साथ दो फरवरी 2008 की सुबह राजकीय कोष में जमा कराने के लिए एक लाख 59 हजार 735 रुपये एक बैग में लेकर बाइक से जा रहे थे। चौकी से करीब ढाई किमी. आगे माला नदी की पुलिया पर पहुंचते ही पुलिया के नीचे छिपे तीन लोग हाथों में डंडे लिए सामने आ गए। उनमें से एक ने बाइक चला रहे अलंकार के मुंह और दूसरे ने उसकी पीठ पर डंडों से हमला कर दिया। इससे बाइक से दोनों के गिरते ही बदमाशों ने बैग छीन लिया और अपनी बाइक से चले गए।
उन्होंने फोन से घटना की सूचना रेंज अधिकारी आरपी यादव और वन दरोगा अवनीश कुमार सिंह को दी। दोनों अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना में ज्यादा चोट खाए अलंकार को अस्पताल भिजवा दिया। करन सिंह की ओर से घटना की तहरीर न्यूरिया पुलिस को दी गई। पुलिस ने मामले की विवेचना में विवेचक द्वारा उत्तराखंड के थाना सितारगंज के मोहल्ला इस्लामनगर निवासी सलीम उर्फ जावेद, थाना अमरिया के टांडा हाजीपुर निवासी फैयाज व शेरा व इसी क्षेत्र के मोरबाज उर्फ अमीर अहमद को दोषी पाते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किए। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद आरोपी सलीम, फैय्याज व शेरा को दोषी पाते हुए सजा सुनाई। इसके अलावा अमीर अहमद की मृत्यु हो चुकी है।