पीलीभीत। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत मंगलवार को शहर के अग्रवाल सभा परिसर में विवाह समारोह का आयोजन किया गया। इसमें 68 जोड़ों ने एक-दूजे का हाथ थामा। सीडीओ समेत अन्य प्रशासनिक अफसरों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री के आगमन के दिन 525 जोड़ों के सामूहिक विवाह कराए गए थे। उस दिन 618 रजिस्ट्रेशन थे, मगर 93 जोड़ों की शादियां नहीं हो पाई थीं, इनमें से अब 68 जोड़ों की शादी कराई गई।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत वर्ष 2019-20 में 324 शादियों का लक्ष्य मिला था। इसके सापेक्ष सामूहिक विवाह कराने वाले आवेदन की संख्या 618 से अधिक पहुंच गई। समाज कल्याण विभाग की ओर से 14 नवंबर को बिलसंडा के नूरानपुर गांव में शादी समारोह का आयोजन किया गया था। उस दिन यहां सामूहिक विवाह वाले जोड़ों को आशीर्वाद देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आए थे। उस दिन की व्यवस्थाओं को देखते हुए 525 जोड़ों का रजिस्ट्रेशन किया गया, उस दिन 93 जोड़ों का विवाह रोक दिया गया था। इसके बाद डीएम वैभव श्रीवास्तव ने समाज कल्याण विभाग ने शेष बचे आवेदनकर्ताओं का विवाह संपन्न कराने को लेकर निर्देश जारी किए। मंगलवार को समाज कल्याण विभाग की ओर से शहर के अग्रवाल सभा भवन परिसर में शादी समारोह का आयोजन किया गया।
सुबह ही बैंडबाजों के साथ वर-वधुओं और उनके परिवारवालों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। पंडाल को छह सेक्टर में बांटा गया। करीब 12 बजे रस्म शुरू की गई। समारोह में 18 वेदियां बनाई गई, जहां 18 पंडित की मौजूद रहे। मंत्रोच्चारण के साथ 68 जोड़ों ने सात फेरे लिए। सीडीओ रमेश चंद पांडेय ने समारोह स्थल पहुंचकर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। जिला समाज कल्याण अधिकारी केपी सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी विनोद कुमार, डीआईओएस संत प्रकाश, अभिहीत अधिकारी शशांक त्रिपाठी मौजूद रहे।
दस हजार रुपये के दिए उपहार
एक जोड़े के लिए 51 हजार रुपये की व्यवस्था है। इसमें 35 हजार रुपये नकद और 10 हजार रुपये का सामान उपहार स्वरूप दिया जाता है। छह हजार रुपये शादी कराने की तैयारियों में खर्च किया जाता है। मंगलवार को शादी के दौरान नवदंपति को जरूरत के मुताबिक कपड़े, बर्तन, पायल, डिनर सेट आदि 10 हजार रुपये का सामान दिया गया।
गायत्री परिवार ने संपन्न कराया विवाह
सामूहिक विवाह कार्यक्रम गायत्री परिवार ने संपन्न कराया। मंत्र से पंडित नारायन शर्मा, पंडित दीन दयाल शर्मा, दशरथ प्रसाद, जगदीश प्रसाद वर्मा, हरीओम सेनी, विनोद पांडेय, ठाकुरदास समेत गायत्री परिवार के पंडितों ने मंत्र से मंत्रोच्चारण कर विवाह संपन्न कराने में मुख्य भूमिका निभाई।