पीलीभीत। न्याय मिलने को गैरइरादतन हत्या के मामले में 12 साल लग गए। कोर्ट ने एक पक्ष के चार सगे भाइयों को जहां आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
वहीं, दूसरे पक्ष के भी पांच दोषियों को छह साल की सजा दी है। प्रत्येक पर आठ हजार का जुर्माना लगाया। पूरनपुर के रजागंज देहात के वादी शमशेर ने थाना पूरनपुर में तहरीर देकर कहा कि 11 अक्तूबर 2013 को उसकी लड़की की शादी थी। मोहल्ले के ही कुछ लोग निकाह का विरोध कर रहे थे। नौ अक्तूबर 2013 की रात नौ बजे, नबाव अली, गुड्डू, राहत अली, मेहंदी हसन, एहसान, अमीन हसन, लल्ला बाबू, इरफान, शान मोहम्मद, अली मोहम्मद निवासी रजागंज देहात दरवाजा तोड़कर उसके घर में घुस आए। उसकी लड़की को खींच कर ले जाने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने मारपीट शुरू कर दी।
अगले दिन सुबह फिर आरोपी अन्य लोगों के साथ उसके घर में घुस आए और मारपीट करने लगे। उसकी पुत्री को जबरदस्ती ले जाने लगे। विरोध करने पर हमला कर दिया। जिसमें इब्राहीम, चांद समेत कई लोग घायल हो गए। कोर्ट ने मेहंदी हसन, अमीरहसन, इरफान, शान मोहम्मद, अली मोहम्मद को दोषी पाते हुए छह साल की सजा सुनाई है। संवाद