फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pilibhit News: बाघ के बछिया ले जाने का मचा शोर, गन्ना के खेत में मिली

Mon, 07 Sep 2026 11:51 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
विज्ञापन
सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र में गन्ना के खेत किनारे खड़ा तेंदुआ - वीडियो ग्रेब
विज्ञापन
पूरनपुर। पशुशाला में बछिया न दिखने पर बाघ के ले जाने का शोर मचा। सूचना पर संपूर्णानगर रेंज की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम को बछिया गन्ना के खेत में बैठी मिली। ड्रोन कैमरे से टीम को न तो बाघ दिखा और न ही उसके पंजों के निशान मिले। वहीं, सेहरामऊ क्षेत्र में खेत किनारे तेंदुआ देखकर लोगों ने शोर मचाया। इस दौरान वह तेंदुआ गन्ना के खेत में चला गया। खुटार रेंज की टीम को तेंदुआ के पंजों के निशान मिले।
विज्ञापन

हजारा क्षेत्र के गांव रामनगर निवासी कलफ की गांव के समीप पशुशाला है। सोमवार को पशुशाला में एक बछिया न दिखने पर बाघ के ले जाने का शोर मचा। सूचना पर संपूर्णानगर रेंज की टीम पहुंची। रेंजर ललित कुमार ने बताया कि टीम ने ड्रोन कैमरा उड़ाकर बाघ की तलाश की। हालांकि बाघ नहीं दिखा।
सेहरामऊ क्षेत्र में गांव सोंधा से पजावा जाने वाले रास्ते पर एक गन्ना के खेत के किनारे तेंदुआ बैठा देखकर राहगीरों ने शोर-शराबा किया। इस पर तेंदुआ गन्ना के खेत में चला गया। खुटार रेंजर दिनेश बटोला ने बताया कि सूचना पर टीम को भेजा गया। टीम को तेंदुआ के पंजों के निशान मिले हैं। आसपास के लोगों को तेंदुआ की चहलकदमी को लेकर सतर्क किया गया है। गांव उदयपुर निवासी कृष्णा नंद सोमवार को घास काटने गए थे। खेत के समीप तेंदुआ देखकर उन्होंने भाग कर जान बचाई। घटना की सूचना सामाजिक वानिकी पूरनपुर को दी गई, मगर टीम नहीं पहुंची। गांव के राजगुरू पांडेय, रेलवे क्रॉसिंग के गेटमैन अभिषेक पांडेय ने बताया कि तेंदुआ की चहलकदमी की जानकारी संपूर्ण समाधान दिवस में देकर पिंजरा लगवाने की मांग की। एडीएम ने पिंजरा लगवाने के निर्देश भी वन विभाग के अफसरों को दिए। फिर भी पिंजरा नहीं लगाया गया।
विज्ञापन

००००००००
झुकना नदी से निकलकर किनारे पर बैठा मगरमच्छ, टीम पहुंची
पूरनपुर। गांव जटपुरा के समीप झुकना नदी से निकलकर मगरमच्छ सोमवार को नदी किनारे सड़क पर आकर बैठ गया। राहगीरों ने शोर-शराबा किया। तब मगरमच्छ फिर नदी में चला गया। सूचना पर सामाजिक वानिकी की टीम मौके पर पहुंची। मगर इससे पहले मगरमच्छ नदी में जा चुका था। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें