पीलीभीत। वित्तीय वर्ष 2024-25 के समाप्त होने में सिर्फ चार दिन शेष हैं। लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य, पंचायतीराज, कृषि, शिक्षा आदि विभागों के खाते में अभी करोडों रुपये हैं। विभाग इस धनराशि को खपाने की माथापच्ची में जुटे हैं। बड़ी धनराशि का उपभोग कैसे हो, इस पर मंथन हो रहा है। उपभोग न होने पर अधिकांश धनराशि सरेंडर हो जाएगी। आखिरी दिनों में बजट खपाने में जुटे विभागों ने पूर्व में स्वीकृत कार्यों को समय से शुरू और पूरा कराने पर ध्यान नहीं दिया। यही कारण है कि जिले में कई बड़े कार्य शुरू तक नहीं हो सके।
शासन की ओर से प्रत्येक विभाग को उनकी योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्याें के लिए प्रत्येक वर्ष बजट जारी किया जाता है। साथ ही कार्यों को समय से शुरू और पूरा कराने के निर्देश भी जारी होते हैं। अफसरों की हीलाहवाली से कार्य पूरा होना तो दूर कई कार्य समय से शुरू तक नहीं हो सके है, जबकि खातों में करोड़ों की धनराशि पड़ी है। धनराशि खर्च करने में लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य और कई अन्य विभाग काफी पीछे हैं। इनमें सिर्फ लघु सिंचाई विभाग ही आवंटित धनराशि खर्च कर सका है।
एनओसी में अटका धनाराघाट पुल का निर्माण
पीलीभीत। पूरनपुर क्षेत्र में शारदा नदी के धनाराघाट पर पुल निर्माण को वर्ष 2024 में मंजूरी मिली थी। निर्माण के लिए करीब 269 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए। पहली किश्त में करीब 94 करोड़ रुपये जारी भी हो गए। सर्वे के बाद प्रक्रिया अटक गई। वन विभाग की एनओसी का पेंच फंस गया। लोक निर्माण और सेतु निगम के जिम्मेदार एक वर्ष में पुल निर्माण की अड़चनों को दूर नहीं कर सके। जारी धनराशि खाते में ही पड़ी है। पुल निर्माण हो जाने से शारदापार की करीब एक लाख आबादी को राहत मिलेगी। आवागमन में 30 की जगह 130 किमी. की दूरी तय नहीं करनी होगी।
चंदोई-मझोला, शाहगढ़-कलीनगर मार्ग भी अधूरा
चंदोई से मझोला जाने वाले करीब 22 किमी लंबे मार्ग का निर्माण 45 करोड़ की लागत से करीब डेढ़ वर्ष पूर्व शुरू कराया गया था। काम चला और फिर रुक गया। वित्तीय वर्ष समाप्त हो रहा है। काम अब तक अधूरा है। सिर्फ 20 फीसदी कार्य ही हो सका है। कलीनगर से शाहगढ़ जाने वाले 14 किमी लंबे मार्ग का निर्माण करीब दस माह पूर्व शुरू कराया गया था। निर्माण करीब 43 करोड़ से कराया जा रहा है। बारिश के समय काम रुक गया। अभी सिर्फ सात किमी. सड़क ही बन सकी है।
विभागों को आवंटित और शेष बजट
विभाग आवंटित धनराशि (रुपये) शेष धनराशि
लोक निर्माण विभाग 331,033,4000 122,33,24596
विकास विभाग 35,77,55,942 18,79,9838
पंचायत विभाग 40,73,75,470 26,6,01829
मेडिकल कॉलेज 55,03,53,000 52,5,36,480
शिक्षा विभाग 549,61,63,799 65,28,46,685
स्वास्थ्य विभाग 32,87,83,989 5,030,960,20
नोट: आवंटित और शेष धनराशि का यह आंकड़ा 25 मार्च तक का है।
शारदा नदी पर बना पैंटून पुल।फाइल फोटो