पीलीभीत। शाहजहांपुर मार्ग पर शाम होते ही बस और ट्रेन की सेवा न होने से डग्गामार वाहन ही लोगों का सहारा रह जाते है। बावजूद इसके जिम्मेदार इस मार्ग पर परिवहन सेवाएं शुरू करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाते। ऐसे में यात्रियों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
शाहजहांपुर मार्ग पर रोजाना करीब 10-15 हजार यात्रियों का मुख्यालय आना-जाना है। इसमें विद्यार्थी, अधिवक्ता सहित अन्य निजी संस्थानों में कार्य करने वाले कर्मचारी भी शामिल है। बावजूद इसके इस मार्ग पर शाम पांच बजे के बाद कोई भी बस नहीं है। यह तब है जब तमाम जगहों के लिए करीब 112 बसों का संचालन किया जाता है।
इधर, मीटरगेज के बाद इस मार्ग के लोगों को ब्राडगेज की सौगात तो मिल गई। मगर शाम 6:20 बजे के बाद इस मार्ग पर किसी ट्रेन का संचालन नहीं है। आलम यह है कि लखनऊ या फिर अन्य जगहों को जाने के लिए लोगों को बरेली, पीलीभीत आदि जगह जाकर वाहनों को पकड़ना पड़ता है।
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सवारी नहीं तो कैसे हो रहा डग्गामार वाहनों का संचालन
विभागीय अधिकारियों की अगर बात की जाए, तो वे सवारी कम होने का हवाला देते हुए पल्ला झाड़ लेते है। प्रश्न यह है कि अगर इस मार्ग पर सवारियां कम हैं, तो सैकड़ों की तादाद में मैजिक, टेंपो आदि वाहन इस मार्ग पर कैसे संचालित होते हैं।
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पत्राचार व एक्स के माध्यम से होती रही है मांग
बस व ट्रेन के संचालन के लिए कई बार जागरूक लोग पत्राचार के साथ एक्स पर शिकायत भी दर्ज करा चुके है लेकिन अधिकारी आश्वासन देने के अलावा इसके लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाते।
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जनप्रतिनिधि भी नहीं देते है ध्यान
कुछ लोगों ने केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद, गन्ना राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार व स्थानीय विधायक को भी इस समस्या के बारे में बताया लेकिन कोई हल नहीं निकल सका।
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इस मार्ग पर पूर्व में कई बार बसों का संचालन कराया गया है, लेकिन सवारियां कम होने से राजस्व को नुकसान होता है। इस वजह से देर शाम बसों का संचालन नहीं हो पाता है।
- पवन कुमार श्रीवास्तव, एआरएम