बीसलपुर। गांव हीरापुर दुही में सरकारी जमीन पर बोई गेहूं की फसल को रातों रात चोरी से काटकर मंडी समिति के राजकीय क्रय केंद्र पर बेचा गया था। पता चलने पर मंडी के अफसर हरकत में आए हैं। मामले में क्षेत्रीय लेखपाल की ओर से एक दिन पूर्व छह लोगों को केस दर्ज कराया गया है।
राजस्व टीम ने एक अप्रैल को गांव हीरापुर दुही में सरकारी जमीन पर दबंगों की ओर से बोई गई गेहूं की फसल नीलाम करने के लिए चिह्नित की थी। तहसीलदार आशीष गुप्ता ने दो अप्रैल को मंडी सचिव को पत्र भेजकर खेत में खड़ी गेहूं की फसल का मूल्यांकन करने का निर्देश दिया था। मंडी से तहसील कार्यालय में फसल की मूल्यांकन रिपोर्ट आती और राजस्व टीम फसल की नीलामी करती। इससे पहले ही 11 अप्रैल की रात दबंगों ने फसल को काटकर बेच दिया।
पता चला तो क्षेत्रीय लेखपाल धीरज देवल ने 12 अप्रैल को कोतवाली में गांव के छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। अमर उजाला ने 13 अप्रैल के अंक में ‘नीलामी के लिए चिह्नित फसल को दबंगों ने काटा, छह पर केस दर्ज’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। समाचार प्रकाशन के बाद हरकत में आए मंडी कर्मचारियों ने मामले की जानकारी की तो पता चला कि प्रश्नगत फसल दबंगों ने चोरी से काटकर मंडी के एक राजकीय क्रय केंद्र पर बेच दी है।
इस बाबत मंडी सचिव नाजिम अली ने बताया कि जिलाधिकारी ने उनकी ड्यूटी राजकीय क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद बढ़ाने के काम में लगा दी थी। इसी वजह से सत्यापन रिपोर्ट बनाने में कुछ विलंब हो गया था। यह भी बताया कि कुछ लोगों ने प्रश्नगत फसल काटकर मंडी के एक राजकीय क्रय केंद्र पर बेची है।
तहसीलदार आशीष कुमार गुप्ता ने बताया कि वह मंडी कार्यालय से सत्यापन रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहे थे। सत्यापन रिपोर्ट आते ही वह नीलामी तिथि लगा देते। बताया कि दबंगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करवा दी गई है।