बीसलपुर। मोहल्ला ग्यासपुर में आयोजित दो दिवसीय सालाना जलसा-ए-गौसिया का समापन शनिवार को हुआ। जलसे का आगाज हाफिज आसिफ ने कुरान शरीफ की तिलावत से किया। कई उलमा ने भी तकरीर की।
जलसे में संभल से आए मुख्य अतिथि मौलाना मुफ्ती सैयद अहमद अली ने लोगों को नेक इंसान बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा, अल्लाह से डरें। सच्चे लोगों के साथ रहें। बुराइयों को छोड़ें। युवाओं को सलाह दी कि वे जुआ, नशा या अन्य किसी लत से दूर रहें।
वहीं, जामा मस्जिद के इमाम मौलाना मुफ्ती तालिब ने कहा, गौस-ए-आजम साधारण इंसान नहीं, बल्कि महापुरुष थे। स्वार्थ के बजाय दूसरों की भलाई करने वाले महापुरुष कहलाते हैं। गौस-ए-आजम ने पूरे जीवन यही किया। अच्छे कार्यों और दुआओं से उनको इतना बड़ा ओहदा मिला। इसके अलावा इमाम ने युवाओं को माता-पिता की इज्जत करने की सलाह दी।
जलसे में मुरादाबाद से आए मौलाना मुख्तार अहमद ने गौस-ए-आजम के निर्देशों का पालन करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा, जैसे गौस-ए-आजम ने नफरत के माहौल में मोहब्बत का पैगाम दिया, वैसे ही इन्सानों को करना चाहिए।
मुफ्ती शाहिद रजा की सरपरस्ती में हुए जलसे का संचालन बरेली से आए नाजिम रजा ने किया। काजी मुश्ताक ने दुआएं पढ़कर जलसे का समापन किया। इसकी व्यवस्था में अरशद हुसैन, हाफिज इरफान, अब्दुल रशीद आदि ने सहयोग किया।
बीसलपुर के जलसे में तकरीर करते उलेमा। संवाद