छात्र युवा संघर्ष मोर्चा कार्यकर्ताओं ने शहीद दामोदर दास का शहीदी दिवस
मनाया। वहीं मुख्यमंत्री से ड्रमंड कॉलेज का नाम शहीद दामोदार दास के नाम
पर रखने की मांग की गई।
शहर के गैस चौराहा स्थित शहीद दामोदर दास स्मारक
स्थल में शुक्रवार को तमाम कार्यकर्ता पहुंचे। यहां कार्यकर्ताओं ने शहीद
को श्रृद्धाजंलि अर्पित कर उनकी कुर्बानी को याद किया। इस दौरान अध्यक्ष
देवदत्त शर्मा ने कहा कि जिले के आयुर्वेदिक कॉलेज के छात्र दामोदर दास नौ
अगस्त 1947 को अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन चला रहे थे। जिले के अंग्रेज
अफसर आर ड्रमंड के आदेश पर चलाई गई गोली से शहीद हो गए थे। कहा कि वह सरकार
से जानना चाहते हैं कि आजादी के 68 साल बाद भी गुलामी का प्रतीक ड्रमंड
का नाम क्यों है? जबकि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के नाम पर कुछ भी नहीं।
सरकारों की गुलामी प्रथा की मानसिकता के चलते अभी भी अंग्रेज के नाम पर
कॉलेज चल रहा है। निर्दोष वर्मा ने कहा कि ड्रमंड कॉलेज को नाम बदलने को
लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। बैठक में मुख्यमंत्री से ड्रमंड कॉलेज
का नाम शहीद दामोदार दास के नाम पर रखने की मांग की। इस मौके पर विपिन
गंगवार, राहुल राय, अरविंद, शैलेंद्र, धर्मेंद्र,, रवि, सुरेंद्र, गौरव
शुक्ला, अनुज मौर्य, अजय मौर्य, अजय लोधी आदि मौजूद रहे।