जिले में एक ओर दिमागी बुखार से बचाव को जेई टीकाकरण अभियान चला रहा है, वहीं सांसद आदर्श गांव गुलड़िया भूप सिंह निवासी एक पांच वर्षीय बालक की बुखार से मौत हो गई। बालक की मौत दिमागी बुखार से होने की संभावना बताई जा रही है।
गांव गुलड़िया भूपसिंह निवासी इरशाद ने बताया कि उसके पांच वर्षीय पुत्र परवेज को बुधवार को बुखार ने चपेट में ले लिया था। गर्दन में जकड़न के साथ उल्टी हुई। गांव में एक डॉक्टर को दिखाने पर उसने खसरा होने की जानकारी दी। साथ ही इलाज न कराने की सलाह दी।
गुरुवार को बालक की हालत खराब होने पर उसे नगर के एक प्राइवेट अस्पताल में लाया गया। यहां डॉक्टर ने बालक की हालत गंभीर होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की सलाह दी। सीएचसी लाए गए बालक ने इलाज से पहले ही दम तोड़ दिया। सीएचसी के डॉक्टर डॉ. अभिनव पांडेय ने बताया कि बालक के परिवार वाले जो बीमारी के लक्षण बता रहे हैं। वह दिमागी बुखार के जैसे हैं।
यह है दिमागी बुखार के लक्षण
- शरीर का तापमान काफी बढ़ जाना
- चिड़चिड़ापन और बार-बार उल्टी आना
- गर्दन अकड़ना और सिर में तेज दर्द होना
ऐसे फैलता है दिमागी बुखार
यह बीमारी खासतौर से क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होती है। जब यह मच्छर गंदगी में रहने वाले सुअरों को काटता है तो सुअर में होने वाले टोगा वायरस मच्छर के अंदर चला जाता है। बाद में मच्छर द्वारा किसी को काटने पर उस व्यक्ति को दिमागी बुखार हो जाता है।
टीका लगने पर आ सकता है मामूली बुखार
जापानी इंसेफ्लाइटिस का टीका लगने के स्थान पर लालिमा या फिर सूजन या फिर मामूली बुखार भी आ सकती है। इसके लिए बच्चे को पैरासिटामोल दी जानी चाहिए, जो सभी टीम सदस्यों को उपलब्ध कराई गई है।
- डॉ. सीएम चतुर्वेदी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
000
बालक का इलाज किसी प्राइवेट अस्पताल में किया गया था। सीएचसी में लाने से पूर्व ही उसकी मौत हो चुकी थी। बालक की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। मामले की जानकारी की जा रही है।
- डॉ. श्रीओम चौहान, सीएमओ
बच्चा बीमार हो तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं
यदि कोई बच्चा तेज बुखार या किसी अन्य बीमारी से ग्रस्त हो तो परिवार वालों को तत्काल किसी डॉक्टर के यहां दिखाना चाहिए। किसी झोलाछाप या जादू टोने के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए।