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Pilibhit News: न्यूरिया में दहशत फैलाने वाली बाघिन कानपुर चिड़ियाघर में सुरक्षित की गई

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बा​घिन को कानपुर चिड़ियाघर लेकर पहुंची वन विभाग की टीम। स्रोत विभाग
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पीलीभीत। न्यूरिया क्षेत्र में लंबे समय से दहशत का पर्याय बनी बाघिन को रविवार सुबह कानपुर चिड़ियाघर में शिफ्ट कर दिया गया। करीब 308 किलोमीटर की दूरी तय कर बाघिन को विशेष निगरानी में कानपुर पहुंचाया गया है। कागजी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उसे चिड़ियाघर प्रशासन के हवाले कर दिया गया। वन अधिकारियों के अनुसार, बाघिन को तीन से चार महीने तक अन्य वन्य जीवों से अलग रखकर चिकित्सकीय परीक्षण और निगरानी में रखा जाएगा।
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न्यूरिया क्षेत्र से पकड़ी गई बाघिन ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व की वन सीमा से बाहर निकलकर सैजना, मानपुर किशनपुर, अनवरगंज, पौटाखुर्द, मेथी सैदुल्लागंज, औरिया, नडरिया, मेवातपुर, फुलहर, हासिमपुर, विथरा, महेशपुर, रोहतनिया, डंडिया समेत उत्तराखंड बॉर्डर तक चहलकदमी कर दहशत फैला रखी थी। वहीं तीन लोगों की जान लेने के साथ ही दो को गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) के आदेश पर 24 जुलाई को इस बाघिन को डंडिया गांव के निकट से पकड़ा गया था। इसके बाद बाघिन को कानपुर चिड़ियाघर छोड़ने का निर्णय होने के बाद डीएफओ भरत कुमार डीके के नेतृत्व में टीम रवाना की गई थी। करीब 308 किमी की दूरी तय कर विशेष निगरानी में टीम रविवार सुबह बाघिन को लेकर कानपुर पहुंची।
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चिड़ियाघर में कागजी प्रक्रिया पूरा करने के बाद निदेशक डॉ. कन्हैया पटेल को बाघिन सौंप दी गई। डीएफओ भरत कुमार डीके ने बताया कि यात्रा के दौरान बाघिन को किसी प्रकार का तनाव न हो, इसके लिए विशेष सतर्कता बरती गई। कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए मार्ग और समय की भी सावधानीपूर्वक योजना बनाई गई थी। उन्होंने बताया कि बाघिन को चार माह तक अन्य वन्यजीवों से दूर पशु चिकित्सकों की निगरानी में रखा जाएगा।
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