कलीनगर। पर्यटन स्थल में भ्रमण के दौरान जंगल प्रशासन के ही जिम्मेदार द्वारा नियम को ताख पर रखकर सायरन बजाने का मामला सामने आया है। ऐसा तब हुआ जब शांत माहौल में जंगल मार्ग पर बैठे बाघ का सैलानी उचित दूरी पर खड़े सफारी वाहन से दीदार कर रहे थे। सैलानियों ने इसको नियम के विपरीत बताकर विरोध करते हुए टाइगर रिजर्व मुख्यालय पर इसकी शिकायत भी की। इसके बाद डिप्टी डायरेक्टर ने स्पष्टीकरण तलब किया है।
मामला सोमवार दोपहर करीब तीन बजे का है। शहर के अलावा अन्य स्थानों के सैलानी पीलीभीत और मुस्तफाबाद से पीलीभीत टाइगर रिजर्व के भ्रमण पर निकले थे। परिवार के साथ जंगल सफारी वाहन से प्राकृतिक सुंदरता का दीदार करने के लिए चिह्नित स्थलों का दीदार करने जा रहे थे। भ्रमण के दौरान बाघ जंगल मार्ग पर निकल गया। चहलकदमी के बजाय मार्ग पर ही बैठ गया। चिह्नित मार्ग होने के चलते सफारी के वाहनों के पहिये थम गए। हालांकि प्रशिक्षण प्राप्त चालक ने वाहनों को उचित दूरी बनाकर रोक लिया। सैलानी शांत माहौल में बाघ का दीदार करने लगे। इसी बीच जंगल क्षेत्र से गुजर रहे बराही रेंजर भी वाहन से वहां पहुंच गए। जंगल सफारी के वाहनों को देखकर जानकारी की। जानकारी के साथ बाघ की मौजूदगी को भी देख लिया। इसके बाद बिना कुछ सोचे वाहन में लगे सायरन को बजाना शुरू कर दिया। स्वभाव बदला और बाघ ने जंगल की ओर दौड़ लगा दी। सैलानी ने रेंजर के सायरन बजाने को एनटीसीए की गाइडलाइन का उल्लंघन बताया। सैलानियों का कहना है कि काफी खर्च उठाकर बाघ के दीदार करने के लिए पहुंचते हैं।
गाइड और चालकों भी दी चेतावनी
जंगल सफारी के वाहन खुले हुए होते हैं। चालक और गाइडों को वन्यजीवों से सुरक्षा के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। बाघ की मौजूदगी के दौरान कैसे क्या करना होता है, इसको बारीकी से समझाया जाता है। ऐसे में सोमवार को बाघ की मौजूदगी के बाद दोनों ओर करीब दस वाहन आगे पीछे लग गए। इसके बाद सायरन बजाने की घटना से सैलानी सहम गए। मामला संज्ञान में आने के बाद गाइड और चालकों की लापरवाही मानते हुए जरूरी निर्देश देने के साथ चेतावनी भी दी गई है।
वर्जन
जंगल क्षेत्र में सायरन बजाने की घटना की जानकारी मिलने के बाद रेंजर का स्पष्टीकरण तलब किया गया है। लापरवाही उजागर होने पर गाइड और चालकों को भी चेतावनी दी गइ है। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर