कलीनगर। चांदूपुर गांव में कई दिनों तक डेरा जमाए बाघ अब खन्नौत नदी की ओर निकल गया है। वनकर्मी इस बात की सिर्फ संभावना जता रहे हैं, लेकिन पगचिह्न ट्रेस न होने से संशय की स्थिति बरकरार है। हालांकि वनकर्मियों की टीम निगरानी में जुटी है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल से निकलकर एक बाघ कलीनगर तहसील क्षेत्र के गांव चांदूपुर पहुंच गया था। पांच दिन तक डेरा जमाने के साथ ही बाघ ने आबादी के निकट दो पशुओं को मार दिया। बढ़ती सक्रियता को देखते हुए अफसरों के निर्देश पर वनकर्मियों की टीमों को लगाया गया।
शनिवार से बाघ की आबादी के निकट मौजूदगी नहीं देखी गई। वनकर्मियों का दावा है कि बाघ गांव से कुछ दूरी पर आगे बह रही खन्नौत नदी की सीमा की ओर निकल गया। पगचिह्न ट्रेस करने के प्रयास किए, लेकिन नहीं हो सके। इससे संशय की स्थिति बरकरार है। वहीं ग्रामीण अब भी दहशत के चलते खेतों की ओर नहीं जा रहे हैं।
क्षेत्रीय वन्यजीव प्रभारी अजमेर सिंह ने बताया कि टीम निगरानी में जुटी है। बाघ के खन्नौत नदी की ओर निकल जाने की संभावना जताई जा रही है। पगचिह्न ट्रेस करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पुरैना गांव की सीमा में मिले बाघ के पगचिह्न
कलीनगर। तराई क्षेत्र में जंगल से सटे गांव पुरैना ताल्लुके महाराजपुर में आबादी के निकट बाघ के पगचिह्न देख ग्रामीणों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों का कहना है कि शनिवार रात बाघ आबादी के निकट चहलकदमी करता रहा। पूर्व में भी बाघ की चहलकदमी देखी गई थी। दो जानवरों को भी बाघ ने मार दिया था। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग की टीम को दी है। संवाद