पूरनपुर। वन कर्मियों की टीम बृहस्पतिवार को भी बाघ को बेहोश कर पकड़ने के प्रयास में जुटी रही। मगर उसकी लोकेशन नहीं मिली। बाघ लगाए गए पिंजरों के समीप भी नहीं आया।
रविवार को बाघ ने सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के गांव चतीपुर के समीप गन्ने की फसल की सिंचाई कर रहे गांव निवासी रामप्रसाद को तो 12 मई की रात को घटनास्थल से करीब साढ़े तीन किलोमीटर दूर गांव नजीरगंज निवासी किसान हंसराज को मार डाला था।
बाघ महीनों से सुल्तानपुर, नजीरगंज, चतीपुर, पिपरा, पटिहन आदि गांवों में चहलकदमी कर रहा है। दो किसानों पर हमला कर मारने वाले बाघ को बेहोश कर पकड़ने की स्वीकृति मिली। जिसके बाद बुधवार को वन विभाग की टीमें पूरे दिन बाघ की लोकेशन जानने में लगी रहीं।
एसडीओ सुनील कुमार के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को भी बाघ को बेहोश कर पकड़ने के लिए टीमें क्षेत्र में पहुंचीं। एसडीओ ने बताया कि दो दिन से बाघ की लोकेशन नहीं मिल रही है। कर्मचारियों को बाध की लोकेशन जानने के लिए लगाया गया है। बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए तीन स्थानों पर पिंजरे भी लगवाए गए है। बाघ पिंजरोंं के समीप भी अब तक नहीं पहुंचा है।