पीलीभीत। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से जुड़े करीब 10 साल पुराने चिकित्सा प्रतिपूर्ति भुगतान मामले की जांच के लिए लोकायुक्त की टीम सोमवार को डीआईओएस कार्यालय पहुंची। लोकायुक्त के निर्देश पर समीक्षा अधिकारी अश्वनी पाठक ने वर्ष 2017 से लंबित भुगतान से संबंधित अभिलेखों की जांच की और विभागीय अधिकारियों से जानकारी जुटाई।
मामला तत्कालीन वित्त एवं लेखाधिकारी देशराज के चिकित्सा प्रतिपूर्ति भुगतान से जुड़ा है, जो लंबे समय से लंबित पड़ा था। इसको लेकर उनकी पत्नी रश्मि ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नियमानुसार भुगतान होने के बावजूद उन्हें अनावश्यक रूप से रोका गया। जांच के दौरान भुगतान लंबित रहने के कारणों और प्रक्रिया में हुई देरी की पड़ताल की गई। अधिकारियों के अनुसार, जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। डीआईओएस राजीव कुमार सिंह ने बताया कि मामला उनके कार्यकाल का नहीं है, फिर भी टीम को सभी अभिलेख उपलब्ध कराए गए हैं। संवाद