बरेली से आई आयकर विभाग की चार टीमों ने बृहस्पतिवार को नगर के चार
प्रमुख सर्राफा कारोबारियों के प्रतिष्ठानों पर सर्वे किया। टीम की इस
कार्रवाई के शुरू होते ही प्रमुख प्रतिष्ठान बंद हो गए। देर रात चली
कार्रवाई में भारी टैक्स चोरी के संकेत मिले हैं।
आयकर आयुक्त रणंजय
सिंह के निर्देश पर आयकर विभाग की चार टीमें एक साथ बृहस्पतिवार दोपहर करीब
12 बजे सर्राफ विनय कुमार अग्रवाल, अरुण कुमार अग्रवाल, विशाल अग्रवाल और
अनिल कुमार अग्रवाल के प्रतिष्ठानों पर जा धमकीं। टीमों ने प्रतिष्ठानों पर
मौजूद लोगों को वहीं रोक लिया तथा प्रतिष्ठान से संबंधित अभिलेखों का
मुआयना करना शुरू कर दिया। चारों टीमों के साथ भारी तादाद में पुलिस बल था।
फोर्स देख बाजार में हड़कंप मच गया। बड़े-बड़े प्रतिष्ठान जरा देर में बंद
हो गए।
देर रात तक सर्वे जारी था। सर्वे करने पहुंचे अधिकारियों में
आयकर अधिकारी डीसी पाठक और आयकर अधिकारी (द्वितीय) केएम मीणा शामिल थे।
सर्वे टीम का नेतृत्व कर रहे बरेली के संयुक्त निदेशक (आयकर) एसके शर्मा ने
बताया कि यह कार्रवाई किसी शिकायत पर नहीं बल्कि रुटीन की कार्रवाई के तहत
किया जा रहा है।
यह देखा जा रहा है कि संबंधित सर्राफ समय पर आयकर जमा कर
रहे हैं या नहीं। उन्होंने बताया कि यदि इन सर्राफों के आयकर संबंधी अभिलेख
पूरे पाए जाते हैं, तो उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं होगी। इस दौरान
उद्योग व्यापार मंडल और सर्राफा एसोसिएशन के पदाधिकारी भी पूरे समय संबंधित
प्रतिष्ठानों के बाहर मंडराते रहे।
विभागीय सूत्रों ने बताया कि चारों
स्थानों से टैक्स चोरी संबंधी अभिलेख मिले हैं। इनका सत्यापन किया जाएगा।
इसके बाद ही टैक्स निर्धारण किया जाएगा।