शहर के टनकपुर मार्ग से कोहरे में गुजरते वाहन व राहगीर। संवाद
पीलीभीत। तराई के जिले में पूरे दिन सूरज नहीं चमका। हवा चलने से मौसम में गलन बढ़ गई। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि यह मौसम गेहूं की अच्छी पैदावार के लिए बेहद अनुकूल है, लेकिन पाला से सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। अभी दो दिन मौसम का ऐसा ही मिजाज रहने की संभावना है।
शनिवार को सुबह कोहरा काफी घना रहा। गत दिवस तो दोपहर बाद हल्की धूप खिल गई थी, लेकिन शनिवार को पूरे दिन सूरज नहीं चमका। साथ ही हवा चलती रही। इससे वातावरण में गलन बढ़ गई। सिर से पैर तक गर्म वस्त्रों से शरीर ढके रहने के बाद भी लोग ठिठुरन महसूस करते रहे।
राजकीय कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शैलेंद्र सिंह ढाका ने पंतनगर स्थित कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के हवाले से जानकारी दी कि शनिवार को न्यूनतम तापमान 8.6 एवं अधिकतम 14.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। डॉ. ढाका के अनुसार यह मौसम गेहूं की अच्छी पैदावार के लिए बेहद अनुकूल है।
साथ ही लाही-सरसों के लिए भी लाभकारी है। अब पाला भी पड़ने लगा है। पाला से आलू और अन्य सब्जियों को नुकसान पहुंच सकता है। आलू व अन्य सब्जियों की फसलों को पाला के प्रभाव से बचाने के लिए किसानों को शाम के समय हल्की सिंचाई कर देनी चाहिए। अगले दिन पानी के खेत से निकाल दें। साथ ही सब्जियों की फसलों पर सल्फर का छिड़काव कर दें। इससे पाला का प्रभाव नहीं रह जाएगा। संवाद