संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। रक्षाबंधन पर रोडवेज विभाग के बेहतर यातायात व्यवस्था के दावे धराशायी हो गए। बसों की कमी और अव्यवस्था के कारण बहनों को अपने भाइयों से मिलने के लिए घंटों चौराहों पर इंतजार करना पड़ा।
असम चौराहा, नौगवा चौराहा समेत कई स्थानों पर बसों के न आने से परेशान बहनें अंत: डग्गामार वाहनों के सहारे गंतव्य के लिए रवाना हुईं। हर कदम पर बदइंतजामी मुफ्त सफर के दावे की कलई खोलती दिखी। रक्षाबंधन पर सुहाने सफर का दावा कराने वाले अफसरों के दावे हवा-हवाई साबित हुए। जिला मुख्यालय से लेकर देहात क्षेत्रों को जोड़ने वाले मार्गाें पर बहनों को परिवहन सेवाएं नहीं मिल सकीं। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शनिवार को शहर के प्रमुख चौराहों पर सुबह से ही महिला यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी। भीड़ के आगे परिवहन विभाग की ओर से की गई सारी व्यवस्थाएं धड़ाम हो गईं। चौराहों पर बसों की जानकारी के लिए कोई भी कर्मचारी नियुक्त नहीं किया गया। इससे बसों की जानकारी के लिए लोग घंटों यहां-वहां भटकते नजर आए। घंटों इंतजार के बाद भी जब लोगों को रोडवेज की बसें नहीं मिली, तो डग्गामार वाहनों का सहारा लेकर लोग अपने गंतव्य को रवाना हुए। दोपहर करीब 12 बजे शहर के नौगवां चौराहे पर काफी यात्री मौजूद थे, लेकिन करीब एक घंटे से यहां पर रोडवेज की बस नहीं पहुंची थी। जिससे लोग काफी परेशान दिखे।
कई मार्गों पर नहीं दौड़ सकीं रोडवेज डिपो की बसें : अफसरों का दावा था कि स्थानीय मार्गाें पर बसों के संचालन के साथ ही फेरे बढ़ाए जाएंगे, लेकिन जिला मुख्यालय से जुड़ने वाले माधोटांडा मार्ग, दियोरिया मार्ग और बिलसंडा के बसों का संचालन नहीं हो सका। ऐसे में लोगों को काफी परेशानी का समाना करना पड़ा। डग्गामार ही एक मात्र सहारे बने रहे।
बीसलपुर के ईदगाह चौराहे पर बसों के इंतजार में खड़े यात्री। संवाद
बीसलपुर के ईदगाह चौराहे पर बसों के इंतजार में खड़े यात्री। संवाद
बीसलपुर के ईदगाह चौराहे पर बसों के इंतजार में खड़े यात्री। संवाद
बीसलपुर के ईदगाह चौराहे पर बसों के इंतजार में खड़े यात्री। संवाद