खुद जीते नहीं, बाधा बनने लायक भी नहीं मिले वोट
जिले में चली भाजपा की लहर के चलते बागी भी प्रत्याशियों का बाल बांका नहीं कर सके। बरखेड़ा विधानसभा सीट पर भाजपा के बागी उम्मीदवार स्वामी प्रवक्तानंद भले ही 22611 मत प्राप्त करने में सफल रहे लेकिन यहां न सिर्फ उनकी जमानत जब्त हो गई बल्कि बगावत के बाद भी यहां भाजपा प्रत्याशी किशनलाल राजपूत सबसे बड़े अंतर 58034 मतों से चुनाव जीत गए। स्वामी प्रवक्तानंद की गिनती मेनका गांधी के करीबी नेताओं में की जाती है। मेनका गांधी के कई समर्थक भी स्वामी प्रवक्तानंद को चुनाव लड़ाते रहे। इसके बाद भी वह न तो स्वयं चुनाव जीत सके और न ही भाजपा प्रत्याशी को जीतने से रोक सके। प्रवक्तानंद बगावत करने के बाद रालोद टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे थे।
पीलीभीत शहर सीट पर टिकट न मिलने से खफा राजरानी लोधी भी भाजपा से बगावत कर निर्दलीय मैदान में कूद गईं। पर मतदाताओं ने उन्हें बुरी तरह नकार दिया। वह एक हजार मत का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकीं। पूरनपुर और बीसलपुर में भले ही कोई बागी हो चुनाव न लड़ा हो, लेकिन भीतरघात वहां भी कुछ लोग करते रहे, लेकिन इसका असर भाजपा प्रत्याशी की जीत पर नहीं पड़ सका।