कुतुबे पीलीभीत हजरत अलहाज शाहजी मोहम्मद शेर मियां के 112वें उर्स-ए-पाक के कुलशरीफ में देश भर के अकीदतमंदों का सैलाब उमड़ा। दरगाह शरीफ पर दिनभर अकीदतमंदों की चहल-पहल रही। सज्जादानशीन हजरत मुन्ने मियां शेरी ने मुल्क में अमन चैन व तरक्की के लिए दुआ फरमाई।
शनिवार शाम से ही कुल शरीफ में शिरकत करने जायरीन का हुजूम पहुंचने लगा था। रविवार सुबह से ही जिले के अलावा गैर प्रांतों से जायरीन आने का सिलसिला शुरू हो गया। शाहजी बाबा की दरगाह पर हाजरी देने अकीदतमंद आते रहे। सुबह करीब दस बजे कुलशरीफ की रस्म शुरू हुई। जिसमें रफीक शाह मियां के सज्जादानशीन मुनीर मियां, भटपुरा शरीफ के सज्जादानशीन अरशद मियां, अजीज मियां, उस्मान मियां के सज्जादानशीन मौलाना मुफ्ती हसन मियां कदीरी, हाफिज शाह जमारुल्लाह, हाफिज इदरीश शेरी, अनीस शेरी, अब्दुल हफीज मियां शेरी, पाकिस्तान से आए सूफी इरफान मियां रसीदी, शहाबुद्दीन कदीरी, मौलाना मौलवी अहमद मियां शेरी, कारी रईसुद्दीन, लुतफुल्लाशाह मियां के सज्जादानशीन नूर मियां लुत्फी आदि ने शाहजी बाबा के शान में तकरीरें की। इस मौके पर मुंबई, कोलकाता, फैजाबाद, आजमगढ़, बनारस, गाजीपुर, इलाहाबाद आदि दरगाहों के सज्जादानशीनों और मुरीदीन ने कुल शरीफ में शिरकत की। दरबार-ए-शेरिया के सज्जादानशीन हजरत मुन्ने मियां शेरी ने कहा कि शाहजी बाबा को दुनिया से पर्दा किए 112 साल हो गए हैं। हम खुशनसीब हैं जो हमें शाहजी बाबा का 112वां उर्स मनाने की अल्लाह ने तौफीक दी। कुरान पाक की तिलावत के बाद शाहजी मियां का शिजरा पढ़ा गया। सज्जादानशीन ने कौम और मिल्लत के लिए दुआ की। इस मौके पर गफ्फार शेरी, हाफिज रियाज मोहम्मद, तौसीफ कदीरी, कदीर शेरी, जफर शम्सी, अफरोज जिलानी, एजाज अहमद, जियाउद्दीन, मोहम्मद यामीन खां, मुजीब प्रधान, इकबाल हजरत, आरिफ हजरत खां समेत तमाम लोग शामिल रहे।
मामू मियां के मजार पर भी हुआ कुल
शाहजी बाबा के मामू हजरत नेमतुल्ला शाह मियां की दरगाह पर दोपहर एक बजे कुल शरीफ हुआ। यहां भी बड़ी तादाद में लोगों ने शिरकत की। दरबार-ए-शेरिया में हजरत नन्हें मियां, बन्ने मियां और नौशे मियां का भी कुल शरीफ हुआ।
कुल से पहले ही खचाखच भरी सड़कें
दरबार-ए-शेरिया की ओर जाने वाले सभी रास्ते कुल शरीफ शुरू होने से पहले ही खचाखच भर गए। तिल रखने की कहीं जगह नहीं रही। कुलशरीफ शुरू होते ही जिसे जहां तक पहुंच मिला वह वहीं ठहर गया।
बरेली, बहेड़ी से पहुंचे पैदल जत्थे
शाहजी बाबा के उर्स में बरेली, बहेड़ी, नवाबगंज से अकीदतमंदों का जत्थे पैदल यात्रा तय कर दरबार-ए-शेरिया पहुंचे। बड़ी तादाद में पहुंचे इन अकीदतमंदों ने गुलाम गौस, कारी यामीन कदीरी की सरपरस्ती में चादरपोशी की।
जगह जगह हुई कुल की रस्म
शहर की गली-गली में शाहजी बाबा के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। मोहल्ला भूरे खां, अशरफ खां, मुनीर खां, कबीर खां, मोहम्मद वासिल, शेर मोहम्मद, खुदागंज में लंगर हुए।
ट्रेनें और बसें भी रही फुल
कुल शरीफ में शिरकत करने आए जायरीन के सैलाब से रोडवेज और ट्रेनों में भारी भीड़ रही। ट्रेनों और बसों में जगह पाने के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।