शहर के एक बरात घर में हो रही सजावट। स्रोत संचालक
पीलीभीत। कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की कमी अब भी बरकरार है। इससे एक तरफ जहां शादी और अन्य आयोजनों में बनने वाले पकवानों के जायकोंं पर असर होगा। वहीं, दूसरी तरफ बनने वाले व्यंजनों की संख्या भी कम हो सकते हैं। ईद के बाद सोमवार से मुस्लिम समाज में शादियां शुरू हो रही हैं। हिंदुओं में भी नवरात्र के साथ ही जन्मदिन और अन्य कार्यक्रम शुरू हो गए हैं। बरातघर संचालकों ने गैस की व्यवस्था आयोजकों पर ही छोड़ दी है।
ईद के दो से तीन दिन बाद मुस्लिम समाज में शादियां शुरू हो जाती हैं। इस बार शादियों की दावत में खानपान का मेन्यू कम हो रहा है। कॉमर्शियल गैस सिलिंडर न मिलने से लोग कई पकवान सूची से हटा रहे हैं। शहर में मुस्लिम समाज की शादियों के लिए 8 से 10 बरातघर संचालित हैं। बरातघर की सजावट, परदे लगना, लाइटें दुरुस्त करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। बरातघर संचालक इस बार गैस की व्यवस्था आयोजकों के जिम्मे ही छोड़ रहे हैं। इससे शादी वाले परिवारों को अतिरिक्त भाग-दौड़ करनी पड़ रही है। बरातघर संचालक मीर खां उर्फ निम्मू ने बताया कि बरातघर की 23 से 27 तक लगातार बुकिंग हो चुकी है। सिलिंडर की व्यवस्था आयोजक से ही करने को कहा गया है।
कैटरर्स भी खड़े कर रहे हाथ : शादी और अन्य मांगलिक कार्यों में खाने व नाश्ते की बुकिंग लेने वाले कैटरर्स भी हाथ खड़े कर रहे हैं। गैस की किल्लत बताकर कई पकवान न बना पाने की बात कह रहे हैं। कुछ कैटरर्स ने तो एडवांस भी वापस कर दिया है। बड़ी बुकिंग लेने से भी मना किया है। संवाद