कलीनगर। गांव आसपुर जमुनिया स्थित ठाकुर द्वारा मंदिर में चल रही सात दिवसीय श्रीराम कथा का रविवार को हवन-पूजन एवं पूर्णाहुति के साथ विधिवत समापन हो गया। समापन अवसर पर हुए भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
महंत बाबा राघवदास के सान्निध्य में यह धार्मिक आयोजन 8 सितंबर से प्रारंभ हुआ था। कथा के अंतिम दिन पुवायां के नाहिल मरैना से आए कथाव्यास पंडित कमल पाठक ने भगवान श्रीराम की लंका विजय, अयोध्या आगमन और राजतिलक प्रसंग का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने प्रवचन में कहा कि बुजुर्गों की सेवा से ही जीवन में उन्नति मिलती है। बुजुर्ग अनमोल धरोहर हैं और उनकी सेवा करना हम सबका कर्तव्य है। कथा के समापन पर हवन-पूजन और पूर्णाहुति सम्पन्न हुई, इसके बाद भंडारे का आयोजन किया गया। धार्मिक समारोह में बाबा राघवदास, रामसनेही भास्कर, सर्वेश कुमार स्वर्णकार, राजेश सिंह, हरजीत सिंह, वेदप्रकाश वर्मा, नंदराम वर्मा रहे। संवाद