शारदा पार गुन्हान गांव में नेपाल से घुसे हाथियों का कहर सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। शारदा-बमनी नदी के संगम पर आराम फरमाने के बाद रविवार रात को हाथी फिर खेतों में घुस आए। जिसके बाद आधा दर्जन किसानों की फसलों को रौंद कर तहस -नहस कर दिया। ग्रामीण हाथियों को वापस भगाने का साहस नहीं जुटा पा रहे है, वहीं वन विभाग बेसुध बना है।
रमनगरा शारदा पार क्षेत्र स्थित गुन्हान गांव में शनिवार रात नेपाल की शुक्ला फांटा सेंचुरी पिलर संख्या 28 के रास्ते नेपाल से करीब दस हाथी घुस आए थे। उन्होंने किसानों की फसल उजाड़ दिया। दस में तीन हाथी छोटे हैं। रविवार को पूरे दिन शारदा-बमनी नदी के संगम स्थल पर हाथी आराम फरमाते रहे। इसके बाद रात को दोबारा कहर बरपाया। नेपाल से आए हाथियों ने क्षेत्र के किसान रामस्वरूप, मानिकचंद, जयराम, जमुना, बच्चन, राजेश आदि के खेतों में घुसकर फसल को रौंद दिया। इससे खेतों में खड़ी धान की फसल तहस-नहस हो गई। गांव के लोग हाथियों को वापस नेपाल की ओर भगाने की योजना तैयार कर रहे है, लेकिन हाथियों के झुंड में होने के कारण हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। इधर, ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की ओर से भी हाथियों को भगाने के पुख्ता कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। विभाग किसानों की बर्बादी के बावजूद सुध नहीं ले रहा है। क्षेत्र के वन रक्षक ओमप्रकाश ने बताया कि टीम हाथियों को वापस नेपाल भेेजने का लगातार प्रयास कर रहे हैं। जल्द ही हाथियों को ग्रामीणों के सहयोग से वापस भेज दिया जाएगा।